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भू-राजनीतिक तनाव और फेड की अनिश्चितता के बीच वॉल स्ट्रीट में गिरावट

Summary
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति पर अनिश्चितता के कारण बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। इस घटनाक्रम से तेल की कीमतों में भी भारी उछाल आया।
बुधवार को वॉल स्ट्रीट के प्रमुख सूचकांकों में गिरावट देखी गई, जिसका मुख्य कारण मध्य-पूर्व में फिर से बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स से ब्याज दरों को लेकर उभरी अनिश्चितता रही। दिन के अंत में, ब्लू-चिप डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज (Dow Jones Industrial Average) 1.1% गिर गया, जबकि एसएंडपी 500 (S&P 500) में 0.4% की गिरावट आई। टेक-हैवी नैस्डैक कंपोजिट (NASDAQ Composite) भी 0.2% की गिरावट के साथ बंद हुआ।
बाजार की इस गिरावट के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य टकराव प्रमुख वजह है। तेल टैंकरों पर हमलों के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान में कई ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। इसके बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ हुए संघर्ष विराम को "खत्म" बताया, जिससे निवेशकों की चिंताएं बढ़ गईं। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी दी है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है।
इन तनावों का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा, और ब्रेंट क्रूड वायदा की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जो हाल के हफ्तों में उच्चतम स्तर है। तेल की कीमतों में इस उछाल ने मुद्रास्फीति को लेकर चिंताओं को फिर से हवा दे दी है, जिसका असर केंद्रीय बैंक की नीतियों पर पड़ सकता है।
Adइसके अलावा, फेडरल रिजर्व की जून की बैठक के जारी किए गए मिनट्स से पता चला कि नीति निर्माता ब्याज दरों के भविष्य को लेकर बंटे हुए हैं। मिनट्स के अनुसार, कुछ सदस्य दरों में बढ़ोतरी का समर्थन कर रहे थे, जबकि अधिकांश मुद्रास्फीति के दृष्टिकोण को लेकर अनिश्चित थे। मध्य-पूर्व में तनाव, मजबूत एआई-संबंधित मांग और टैरिफ के प्रभाव जैसे कारक फेड के निर्णय को जटिल बना रहे हैं।
हालांकि, बाजार में कुछ सकारात्मक संकेत भी थे। चिप शेयरों में हाल की भारी गिरावट के बाद कुछ स्थिरता देखी गई, जिससे फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स में 2% से अधिक की वृद्धि हुई। तेल की ऊंची कीमतों के कारण ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में भी तेजी रही।