Story
टेक शेयरों में उछाल के बाद अमेरिकी वायदा बाजार स्थिर; टेस्ला, अल्फाबेट के नतीजों का इंतजार

Summary
अमेरिकी शेयर सूचकांक वायदा मंगलवार शाम को स्थिर रहा, क्योंकि निवेशकों का ध्यान वॉल स्ट्रीट पर तकनीकी शेयरों में आई तेजी के बाद अब टेस्ला और अल्फाबेट के आगामी तिमाही नतीजों पर केंद्रित हो गया है।
अमेरिकी शेयर सूचकांक वायदा मंगलवार शाम को एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा था, जो वॉल स्ट्रीट पर तकनीकी शेयरों में आई जोरदार तेजी के बाद बाजार के स्थिर होने का संकेत है। अब निवेशकों का ध्यान इस सप्ताह आने वाले गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट और इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता टेस्ला के तिमाही नतीजों पर केंद्रित हो गया है।
बाजार का हाल और वायदा कारोबार
मंगलवार को वॉल स्ट्रीट पर तकनीकी शेयरों, खासकर चिपमेकर कंपनियों, में पिछले सप्ताह की भारी गिरावट के बाद एक मजबूत वापसी देखने को मिली। नैस्डैक कंपोजिट (NASDAQ Composite) में 1.3% की तेजी आई, जबकि एसएंडपी 500 (S&P 500) 0.9% और डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज (Dow Jones Industrial Average) 0.7% चढ़कर बंद हुआ। फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स में 5.2% का उछाल आया।
हालांकि, वायदा बाजार में मामूली नरमी देखी गई। भारतीय समयानुसार, एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 0.06% गिरकर 7,541.25 अंक पर, नैस्डैक 100 फ्यूचर्स 0.1% गिरकर 29,282.25 अंक पर, और डाउ जोन्स फ्यूचर्स 0.06% गिरकर 52,409.0 अंक पर कारोबार कर रहे थे।
अल्फाबेट और टेस्ला के नतीजों पर नजर
इस सप्ताह बुधवार को आने वाले अल्फाबेट (Alphabet Inc) और टेस्ला इंक (Tesla Inc) के दूसरी तिमाही के नतीजे बाजार के लिए सबसे महत्वपूर्ण होंगे।
Ad- अल्फाबेट: निवेशक कंपनी की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर खर्च करने की विशाल योजनाओं के बारे में अधिक जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। अल्फाबेट उन कुछ कंपनियों में से है जो AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर अरबों डॉलर खर्च कर रही हैं।
- टेस्ला: कंपनी के नतीजों में रोबोटिक्स और ऑटोनॉमस ड्राइविंग योजनाओं पर अपडेट के साथ-साथ वाहन डिलीवरी के आंकड़ों पर भी नजर रहेगी, जिनके दो साल की मंदी से उबरने की उम्मीद है।
इनके अलावा, फिलिप मॉरिस, जीई वर्नोवा, एटीएंडटी, टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स और इंटेल जैसी अन्य प्रमुख कंपनियों के नतीजे भी आने वाले दिनों में जारी होंगे, जो संबंधित क्षेत्रों के बारे में और संकेत देंगे।
भू-राजनीतिक तनाव का असर
मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने बाजार में जोखिम की धारणा को सीमित कर दिया है। दोनों देशों के बीच लगातार ग्यारहवें दिन भी हमले जारी रहे, जिससे कच्चे तेल की कीमतें पांच सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। तेल की कीमतों में इस उछाल ने मुद्रास्फीति और ब्याज दरों में बढ़ोतरी को लेकर नई चिंताओं को जन्म दिया है, जिससे निवेशक सतर्क बने हुए हैं।