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अमेरिकी सैन्य कार्रवाई: होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज पर हमले के बाद ईरान पर जवाबी हमले

अमेरिकी सेना ने शनिवार को घोषणा की कि उसने ईरान के खिलाफ जवाबी हमले किए हैं। यह कार्रवाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक साइप्रस-ध्वजांकित कंटेनर जहाज पर हमला करने के बाद की गई, जिससे क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव काफी बढ़ गया है।
हमले का विवरण
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (U.S. Central Command) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक बयान में कहा कि ईरान के हमले के कारण नागरिक जहाज को गंभीर क्षति हुई। बयान में उल्लेख किया गया है:
- जहाज पर आग लग गई और इंजन रूम को काफी नुकसान पहुँचा।
- क्षति के कारण जहाज अपनी यात्रा जारी रखने में असमर्थ है।
- चालक दल का एक नागरिक सदस्य लापता बताया जा रहा है।
अमेरिकी प्रतिक्रिया
Adसेंट्रल कमांड ने पुष्टि की कि अमेरिकी सेना द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सीधे निर्देश पर की गई थी। यह प्रतिक्रिया क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और अमेरिकी हितों की रक्षा के लिए अमेरिकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
बाजार पर प्रभाव
इस सैन्य टकराव की खबर का ऊर्जा बाजारों पर तत्काल प्रभाव पड़ा। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण चोकपॉइंट्स में से एक है, और यहाँ किसी भी तरह की अस्थिरता आपूर्ति संबंधी चिंताओं को बढ़ा देती है।
इस घटना के बाद, तेल की कीमतों में तेजी से उछाल आया। ब्रेंट क्रूड वायदा (Brent Crude Futures) 3.16% बढ़कर $78.41 प्रति बैरल पर पहुँच गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड वायदा 3.14% चढ़कर $73.65 प्रति बैरल हो गया। यह घटना निवेशकों को याद दिलाती है कि खाड़ी क्षेत्र में भू-राजनीतिक जोखिम कमोडिटी की कीमतों में महत्वपूर्ण अस्थिरता पैदा कर सकते हैं।