Story

अमेरिकी बेरोज़गारी दावे 57 साल के निचले स्तर पर, मज़बूत श्रम बाज़ार ने दर वृद्धि का जोखिम बढ़ाया

ENTHMSVIIDZHZH-TWJAKOHI
Jul 23, 20262 min read
अमेरिकी बेरोज़गारी दावे 57 साल के निचले स्तर पर, मज़बूत श्रम बाज़ार ने दर वृद्धि का जोखिम बढ़ाया

Summary

अमेरिका में साप्ताहिक बेरोज़गारी के लिए शुरुआती दावे 1969 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर आ गए हैं, जो एक मज़बूत श्रम बाज़ार का संकेत है। हालांकि, इन आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की आशंकाओं को भी बढ़ा दिया है।

Text size
Background

अमेरिका में बेरोज़गारी लाभ के लिए आवेदन करने वाले लोगों की संख्या 57 साल के निचले स्तर पर आ गई है, जो एक असाधारण रूप से मज़बूत श्रम बाज़ार का संकेत देता है। यह डेटा जहाँ आर्थिक मंदी की चिंताओं को कम करता है, वहीं इसने निवेशकों के बीच यह डर भी पैदा कर दिया है कि फेडरल रिजर्व मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरों में फिर से बढ़ोतरी कर सकता है।

प्रमुख आँकड़े और उनका मतलब

नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती बेरोज़गारी दावे (initial jobless claims) गिरकर केवल 187,000 रह गए, जो 1969 के बाद का सबसे निचला स्तर है। यह आंकड़ा उम्मीद से काफी बेहतर है और इस बात का प्रमाण है कि अमेरिकी कंपनियाँ कर्मचारियों की छंटनी नहीं कर रही हैं, जो एक बेहद मज़बूत रोज़गार बाज़ार को दर्शाता है।

निवेशकों के लिए यह एक दोधारी तलवार की तरह है:

  • सकारात्मक पक्ष: एक मज़बूत श्रम बाज़ार का मतलब है कि उपभोक्ता खर्च करना जारी रखेंगे, जो कॉर्पोरेट आय और आर्थिक विकास को बढ़ावा देता है।
  • नकारात्मक पक्ष: अत्यधिक मज़बूती फेडरल रिजर्व को चिंतित कर सकती है, जिससे लगातार बनी रहने वाली मुद्रास्फीति और अधिक दर वृद्धि का खतरा बढ़ जाता है, जो सीधे तौर पर शेयरों के लिए एक नकारात्मक कारक है।

बाज़ार की प्रतिक्रिया

Sample IUX Markets – In-articleAd

इन मज़बूत आँकड़ों के बावजूद शेयर बाज़ार में उत्साह नहीं दिखा, बल्कि प्रमुख सूचकांकों में गिरावट आई। 23 जुलाई को नैस्डैक 100 में 1.6%, एसएंडपी 500 में 1.1% और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.8% की गिरावट दर्ज की गई।

बाज़ार में यह बिकवाली इसलिए हुई क्योंकि निवेशक अब फेड के आक्रामक रुख की आशंका जता रहे हैं। रोज़गार के मज़बूत आँकड़ों ने मंदी के जोखिम को कम कर दिया है, लेकिन साथ ही फेड द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊँचा रखने की संभावना को बढ़ा दिया है। इसी बीच, 2-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड भी बढ़कर 17 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुँच गई, जो बाज़ार की चिंता को दर्शाता है।

फेडरल रिजर्व और आगे की राह

29 जुलाई को फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक पर अब सभी की नज़रें हैं। बेरोज़गारी के इतने कम दावों के साथ, बाज़ार अब दर में बढ़ोतरी की 35% संभावना मान रहा है, जो केवल एक सप्ताह पहले 12% थी। बढ़ते तेल की कीमतें भी मुद्रास्फीति की चिंताओं को और हवा दे रही हैं, जिससे नीति निर्माताओं पर दबाव बढ़ गया है।

आगे चलकर, निवेशक प्रमुख कंपनियों जैसे कि Apple, Alphabet, और Microsoft के तिमाही नतीजों पर बारीकी से नज़र रखेंगे, जो बाज़ार की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा, बॉन्ड यील्ड की चाल और फेड के संकेत बाज़ार में अस्थिरता का कारण बन सकते हैं।

Back to latest news

LATEST