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हूती हमलों से ब्रेंट क्रूड $100 पर, अमेरिकी ऊर्जा शेयरों में उछाल

Summary
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और सऊदी तेल टैंकरों पर हूती हमलों के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें $100 प्रति बैरल तक पहुंच गईं, जिससे अमेरिकी ऊर्जा कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी आई।
गुरुवार को प्रीमार्केट ट्रेडिंग में अमेरिकी ऊर्जा शेयरों में तेजी देखी गई, क्योंकि मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से ब्रेंट क्रूड की कीमत कुछ समय के लिए $100 प्रति बैरल तक पहुंच गई। यह उछाल यमन के हूती बलों द्वारा दो सऊदी तेल टैंकरों पर किए गए हमलों के बाद आया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति में बाधा की चिंता बढ़ गई है।
भू-राजनीतिक तनाव से तेल की कीमतों में आग
यमन के हूती बलों ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में सऊदी तेल ले जा रहे जहाजों को निशाना बनाकर संघर्ष का दायरा बढ़ा दिया है। इन हमलों ने इस आशंका को हवा दी है कि मध्य पूर्व से तेल निर्यात में रुकावट होर्मुज जलडमरूमध्य से आगे भी फैल सकती है, जिससे वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति और सख्त हो जाएगी।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटनाक्रम के चलते तेल की कीमतों में पांच दिनों से जारी तेजी और बढ़ गई।
- ब्रेंट क्रूड वायदा 1302 GMT तक 6.3% बढ़कर $100 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो 26 मई के बाद का उच्चतम स्तर है।
- यू.एस. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 5.2% चढ़कर $91.30 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
ऊर्जा शेयरों में जोरदार तेजी
Adकच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों पर पड़ा, जिनमें प्रीमार्केट सत्र में महत्वपूर्ण बढ़त दर्ज की गई। प्रमुख तेल कंपनियों के शेयरों में उछाल देखा गया, क्योंकि निवेशकों को उम्मीद है कि ऊंची कीमतों से कंपनियों का मुनाफा बढ़ेगा।
- एक्सॉन मोबिल (Exxon Mobil) और शेवरॉन (Chevron) के शेयर क्रमशः 1.6% और 1.7% चढ़े।
- डायमंडबैक एनर्जी (Diamondback Energy), डेवॉन एनर्जी (Devon Energy), कोनोकोफिलिप्स (ConocoPhillips) और ऑक्सीडेंटल पेट्रोलियम (Occidental Petroleum) के शेयरों में 2% से 2.5% के बीच की बढ़ोतरी हुई।
- रिफाइनिंग कंपनियों जैसे वैलेरो एनर्जी (Valero Energy), मैराथन पेट्रोलियम (Marathon Petroleum) और फिलिप्स 66 (Phillips 66) के शेयरों में भी 2.1% से 2.6% तक की बढ़त देखी गई।
बाजार का नजरिया
यूबीएस (UBS) के विश्लेषक जियोवानी स्टैनोवो ने कहा, "हमारा मानना है कि मध्य पूर्व में उत्पादन रिकवरी की प्रक्रिया बाजार की अपेक्षा से धीमी होगी।" उन्होंने आगे कहा, "संघर्ष के फिर से शुरू होने से, तेल का प्रवाह दबा हुआ है। इससे तेल बाजार में सख्ती बनी रहनी चाहिए और कीमतों को समर्थन मिलता रहेगा।" यह हालिया उछाल उस प्रवृत्ति के विपरीत है जब विश्लेषकों ने ईरान के साथ अस्थायी शांति समझौते के बाद 2026 के लिए अपने तेल मूल्य पूर्वानुमानों में कटौती की थी।