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यूक्रेन की नई 'लॉन्ग-रेंज' कमान से रूसी ऊर्जा निर्यात और शिपिंग पर बढ़ा दबाव

यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने देश के सशस्त्र बलों के भीतर एक नई 'लंबी दूरी की मारक क्षमता वाली कमान' के गठन की घोषणा की है। इस रणनीतिक कदम का उद्देश्य रूस के ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे पर हमलों को और तेज करना है, जिसके कारण मॉस्को को पहले ही आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण कदम उठाने पड़े हैं।
रूसी अर्थव्यवस्था पर बढ़ता दबाव
यूक्रेन के लगातार हमलों ने रूस की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डाला है। रॉयटर्स की गणना और दो उद्योग स्रोतों के अनुसार, रिफाइनरियों पर हमलों के परिणामस्वरूप रूस का घरेलू गैसोलीन उत्पादन घटकर लगभग 65% क्षमता पर आ गया है। इसके जवाब में, रूस ने बुधवार को घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए डीजल निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया, जिसका मुख्य कारण कब्जे वाले क्रीमिया प्रायद्वीप में ईंधन संकट था।
इसके अलावा, शिपिंग पर भी गंभीर प्रभाव पड़ा है। यूक्रेन के ड्रोन बल के कमांडर रॉबर्ट ब्रोव्डी के अनुसार, पिछले पांच दिनों में लगभग 50 ईंधन जहाजों को नुकसान पहुंचा है, जिससे मॉस्को का "शैडो फ्लीट" सिकुड़ रहा है। अनाज निर्यात उद्योग के दो स्रोतों ने पुष्टि की है कि रूस ने डॉन नदी को आज़ोव सागर से जोड़ने वाले एक चैनल के माध्यम से शिपिंग को अस्थायी रूप से रोक दिया है, जो इस क्षेत्र से रूस के लगभग एक-चौथाई गेहूं निर्यात को प्रभावित कर सकता है।
हमलों का दायरा और उद्देश्य
कीव इन लंबी दूरी के हमलों को रूस के सरकारी बजट पर "लंबी दूरी के प्रतिबंध" के रूप में वर्णित करता है, जो उसके युद्ध प्रयासों को वित्तपोषित करता है। राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने एक डिक्री पर हस्ताक्षर करने की घोषणा करते हुए कहा, "इस कमान को रूस की युद्ध छेड़ने की क्षमता को और कम करने पर उपलब्ध संसाधनों का 100% केंद्रित करना चाहिए।"
Adहाल के हमलों में कई प्रमुख रूसी ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया गया है, जिनमें शामिल हैं:
- क्रास्नोडार क्षेत्र में इल्स्की तेल रिफाइनरी
- लेनिनग्राद क्षेत्र में उस्त-लूगा तेल शोधन परिसर
- रोस्तोव क्षेत्र में एक तेल टर्मिनल और एक तेल डिपो
बाजार और भविष्य का दृष्टिकोण
हालांकि यूक्रेन के हमले रूस की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं, विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यह कहना जल्दबाजी होगी कि संघर्ष का रुख बदल गया है। ये हमले रूस के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती पेश करते हैं, लेकिन यूक्रेन भी रूसी बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के प्रति संवेदनशील बना हुआ है, जिसे ज़ेलेंस्की ने युद्ध में मॉस्को का अंतिम लाभ बताया है।
ये घटनाक्रम ऊर्जा और कृषि जिंस बाजारों के लिए अनिश्चितता पैदा करते हैं, क्योंकि रूस एक प्रमुख तेल और गेहूं निर्यातक है। शिपिंग में कोई भी निरंतर व्यवधान या उत्पादन में कमी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं और कीमतों को प्रभावित कर सकती है। निवेशकों और बाजार विश्लेषकों द्वारा स्थिति की बारीकी से निगरानी की जा रही है।