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Meta के खिलाफ मानसिक स्वास्थ्य का मुकदमा ट्रायल से ठीक पहले वादी ने वापस लिया

Summary
एक किशोर वादी ने Meta Platforms के खिलाफ अपने मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने का दावा करने वाला मुकदमा ट्रायल शुरू होने से कुछ ही दिन पहले वापस ले लिया है। इस मामले में अन्य सोशल मीडिया कंपनियां पहले ही समझौता कर चुकी हैं।
एक फ्लोरिडा के किशोर ने Meta Platforms (META) के खिलाफ अपना मुकदमा वापस ले लिया है, जिसमें उसने कंपनी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अवसाद और चिंता जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनने का आरोप लगाया था। यह कदम लॉस एंजिल्स में मुकदमे की सुनवाई शुरू होने से कुछ ही दिन पहले उठाया गया है।
मामले का विवरण
वादी, जिसकी पहचान अदालत के दस्तावेजों में आर.के.सी. के रूप में की गई है, एक 15 वर्षीय लड़का है। रॉयटर्स द्वारा रिपोर्ट किए गए अदालती दस्तावेजों के अनुसार, उसने लगभग 8 साल की उम्र में सोशल मीडिया का उपयोग करना शुरू कर दिया था और जल्द ही इसका आदी हो गया, जिसके कारण उसे नींद की कमी, अवसाद और चिंता का सामना करना पड़ा।
उसके वकीलों ने बुधवार को मामले को वापस लेने की पुष्टि की। इस मुकदमे को वापस लेने के पीछे के कारणों का सार्वजनिक रूप से खुलासा नहीं किया गया है।
अन्य कंपनियों के साथ समझौते
यह मुकदमा शुरुआत में केवल Meta के खिलाफ नहीं था, बल्कि इसमें कई प्रमुख सोशल मीडिया कंपनियों को प्रतिवादी बनाया गया था।
Ad- Google (GOOGL) का YouTube और ByteDance का TikTok जून में वादी के साथ पहले ही समझौता कर चुके थे।
- ब्लूमबर्ग ने सोमवार को रिपोर्ट दी थी कि Snap Inc. (SNAP) भी इस मामले में एक अस्थायी समझौते पर पहुंच गया है।
इस घटनाक्रम के बाद, Meta इस मामले में एकमात्र प्रमुख प्रतिवादी बची थी, जिसके खिलाफ अब दावा वापस ले लिया गया है।
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है?
यह खबर Meta के लिए एक छोटी राहत है, क्योंकि कंपनी एक सार्वजनिक मुकदमे और संभावित वित्तीय जुर्माने से बच गई है। निवेशकों के लिए, बड़ी तकनीकी कंपनियों से जुड़ा मुकदमेबाजी का जोखिम (litigation risk) एक महत्वपूर्ण कारक होता है, खासकर जब मामले किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित हों।
हालांकि यह एक मामला सुलझ गया है, लेकिन Meta और अन्य सोशल मीडिया कंपनियों को अभी भी अपने प्लेटफॉर्म के युवा उपयोगकर्ताओं पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर दुनिया भर में कई मुकदमों और नियामक जांच (regulatory scrutiny) का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए, निवेशकों के लिए यह क्षेत्र एक लगातार बना रहने वाला जोखिम है, जो कंपनी की प्रतिष्ठा और भविष्य के परिचालन को प्रभावित कर सकता है।