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अल्फाबेट का AI पर भारी खर्च: अच्छे नतीजों के बावजूद निवेशकों की चिंता से शेयर गिरे

Summary
अल्फाबेट ने बेहतरीन क्लाउड ग्रोथ दर्ज की, लेकिन AI में $200 अरब से ज़्यादा के भारी निवेश की घोषणा ने निवेशकों को चिंतित कर दिया, जिससे कंपनी के शेयरों में गिरावट आई। इस खर्च का असर चिप सेक्टर पर भी दिख रहा है।
अल्फाबेट के शानदार तिमाही नतीजों पर उसके आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े भारी खर्च की घोषणा भारी पड़ गई, जिससे प्री-मार्केट ट्रेडिंग में कंपनी के शेयरों में लगभग 3% की गिरावट आई। कंपनी ने AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर इस साल का अपना पूंजीगत व्यय (capex) का अनुमान बढ़ाकर $200 बिलियन से अधिक कर दिया है, जिससे निवेशकों में कैश बर्न को लेकर चिंता बढ़ गई है।
नतीजों पर भारी पड़ा AI का खर्च
अल्फाबेट ने अपने प्रमुख क्लाउड व्यवसाय में 80% से अधिक की वृद्धि दर्ज की, जो बाजार के अनुमानों से बेहतर थी। हालांकि, कंपनी द्वारा AI पर किए जा रहे बड़े पैमाने पर खर्च और उसके नवीनतम जेमिनी (Gemini) AI मॉडल में संभावित देरी की खबरों ने इस सकारात्मक नतीजे को फीका कर दिया।
विश्लेषकों का मानना है कि AI की दौड़ में आगे रहने के लिए यह निवेश आवश्यक है, लेकिन इसकी भारी लागत अल्पावधि में मुनाफे पर दबाव डाल सकती है। इसी तरह की चिंताओं के बीच, टेस्ला (Tesla) के शेयरों में भी बुधवार को 4% की गिरावट आई, क्योंकि कंपनी ने दो साल में पहली बार निगेटिव फ्री कैश फ्लो दर्ज किया।
चिप सेक्टर पर मिला-जुला असर
अल्फाबेट द्वारा बढ़ाए गए खर्च का सीधा फायदा चिप बनाने वाली कंपनियों को मिलने की उम्मीद है। इसी खबर के चलते गुरुवार को दक्षिण कोरियाई चिप शेयरों में 4% से अधिक की तेजी देखी गई।
Adहालांकि, चिप सेक्टर में हर जगह से अच्छी खबर नहीं है। यूरोप की प्रमुख चिप निर्माता STMicroelectronics के शेयर अपने अनुमान से थोड़े कमजोर नतीजों के बाद 14% तक गिर गए। अब सभी की निगाहें आज आने वाले इंटेल (Intel) के नतीजों पर टिकी हैं, जो अमेरिकी चिप बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होंगे।
व्यापक बाज़ार का हाल
वैश्विक बाजारों में एक सतर्क रुख देखा जा रहा है। वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स और यूरोपीय शेयर बाजार, दोनों में गिरावट है। इस बीच, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़कर $98 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं, जिससे मुद्रास्फीति की चिंताएं फिर से बढ़ रही हैं।
बढ़ती तेल की कीमतों और मुद्रास्फीति के दबाव के कारण बॉन्ड बाजारों पर भी असर पड़ा है। अमेरिका में अल्पावधि ट्रेजरी यील्ड 17 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। बाजार अब यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) और फेडरल रिजर्व द्वारा आने वाले समय में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहा है।