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ओमान के तट पर रूसी प्रतिबंधों वाले टैंकर से तेल रिसाव, 390 वर्ग किमी में फैला

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Aug 10, 20262 min read
ओमान के तट पर रूसी प्रतिबंधों वाले टैंकर से तेल रिसाव, 390 वर्ग किमी में फैला

Summary

ओमान सरकार के अनुसार, रूसी कच्चे तेल को ले जा रहे एक प्रतिबंधित टैंकर से हुए रिसाव ने लगभग 390 वर्ग किलोमीटर के समुद्री क्षेत्र को प्रभावित किया है। यह घटना रूस के 'शैडो फ्लीट' से जुड़े पर्यावरणीय और भू-राजनीतिक जोखिमों को उजागर करती है।

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Background

ओमान सरकार ने सोमवार को पुष्टि की कि रूसी कच्चे तेल ले जा रहे एक क्षतिग्रस्त और प्रतिबंधित टैंकर से हुए रिसाव के कारण उसके तट के पास लगभग 390 वर्ग किलोमीटर (150 वर्ग मील) का क्षेत्र तेल की चपेट में आ गया है। यह घटना पश्चिमी प्रतिबंधों से बचने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पुराने टैंकरों से जुड़े गंभीर पर्यावरणीय खतरों को रेखांकित करती है।

रिसाव का पैमाना और स्थिति

ओमान के पर्यावरण प्राधिकरण ने देश की सरकारी समाचार एजेंसी के माध्यम से एक बयान में पर्यावरणीय प्रभाव का पहला सार्वजनिक विवरण प्रदान किया। सैटेलाइट इमेजरी सहित नवीनतम विश्लेषण के आधार पर, तेल का रिसाव लगभग 390 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को कवर करता है।

प्राधिकरण के अनुसार, यह रिसाव दक्षिणी धोफ़र प्रांत के पास हल्लानियत द्वीपों के उत्तर-पूर्व में मुख्य भूमि की ओर फैला हुआ है। इसका निकटतम बिंदु तट से अनुमानित सात किलोमीटर की दूरी पर है। रॉयटर्स द्वारा किए गए सैटेलाइट इमेजरी के विश्लेषण से पता चला है कि कैरोलीन बेज़ेंगी (Caroline Bezengi) नामक 274-मीटर (900-फुट) टैंकर से रिसाव पिछले महीने के अंत तक फैल रहा था, जिससे संभावित पर्यावरणीय क्षति पर चिंता बढ़ गई है।

घटना का संदर्भ

दो समुद्री सुरक्षा स्रोतों के अनुसार, कैरोलीन बेज़ेंगी के चालक दल ने पहली बार 8 जून को दक्षिणी यमन के मुकल्ला बंदरगाह के पास कठिनाइयों की सूचना दी थी, जिसमें शुरुआती आकलन में जहाज पर एक विस्फोट होने का संकेत दिया गया था। हालांकि, जहाज को हुए नुकसान का सटीक कारण अभी भी स्पष्ट नहीं है और ओमान ने इस पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है।

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शिपिंग डेटा से पता चलता है कि यात्रा से पहले जहाज पर रूसी कच्चा तेल लादा गया था। इसने आखिरी बार 11 जून को यमन के तट के पास सार्वजनिक AIS ट्रैकिंग पर अपना सिग्नल प्रसारित किया था।

'शैडो फ्लीट' और बाजार के लिए निहितार्थ

यह घटना रूस के तथाकथित 'शैडो फ्लीट' (shadow fleet) से जुड़े जोखिमों को उजागर करती है। रूस अपने तेल निर्यात पर पश्चिमी प्रतिबंधों को दरकिनार करने के लिए अक्सर पुराने और खराब रखरखाव वाले टैंकरों के इस बेड़े का उपयोग करता है। इन जहाजों के संचालन में पारदर्शिता की कमी होती है और ये अक्सर अपर्याप्त बीमा के साथ काम करते हैं, जिससे इस तरह की घटनाओं के बाद सफाई और मुआवजे की प्रक्रिया जटिल हो जाती है।

यूरोपीय संघ और ब्रिटेन ने रूसी ईंधन के परिवहन में शामिल होने के कारण कैरोलीन बेज़ेंगी पर प्रतिबंध लगाए हैं। यह रिसाव ऊर्जा बाजारों और नियामकों के लिए एक चेतावनी है, जो प्रतिबंधों को लागू करने और 'शैडो फ्लीट' द्वारा उत्पन्न समुद्री और पर्यावरणीय जोखिमों को प्रबंधित करने की चुनौतियों को दर्शाता है।

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