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सैमसंग और SK Hynix ने KEPCO के $19 अरब के बिजली प्रीपेमेंट प्रस्ताव को खारिज किया: रिपोर्ट

सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स ने कोरिया इलेक्ट्रिक पावर कॉर्प (KEPCO) के एक बड़े प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। एक सांसद को सौंपे गए दस्तावेज़ के अनुसार, दोनों कंपनियों ने नियोजित सेमीकंडक्टर मेगा क्लस्टरों के लिए बिजली आपूर्ति के समर्थन में 25 ट्रिलियन वॉन ($18.7 अरब) का अग्रिम भुगतान करने से इनकार कर दिया है।
प्रस्ताव का विवरण
सरकारी बिजली कंपनी KEPCO ने यह प्रस्ताव इसलिए रखा था ताकि वह चिप बनाने वाले नए कारखानों (फैब्रिकेशन प्लांट्स) को बिजली देने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे में निवेश कर सके। दक्षिण कोरियाई समाचार पत्र चोसुन इल्बो ने सबसे पहले रिपोर्ट दी थी कि KEPCO ने चिप निर्माताओं से भविष्य में होने वाली बिजली की खपत के लिए यह अग्रिम भुगतान करने का आग्रह किया था।
यह कदम दक्षिण कोरिया के विशाल सेमीकंडक्टर क्लस्टरों के निर्माण की योजना का हिस्सा है, जिन्हें संचालित करने के लिए भारी मात्रा में निर्बाध बिजली की आवश्यकता होती है।
कंपनियों ने क्यों किया इनकार?
रॉयटर्स द्वारा देखे गए दस्तावेज़ के अनुसार, दोनों चिप निर्माताओं ने आंतरिक समीक्षा के बाद KEPCO को सूचित किया कि इस प्रस्ताव को स्वीकार करना "मुश्किल" होगा। इस मामले की संवेदनशीलता के कारण नाम न छापने की शर्त पर एक कंपनी अधिकारी ने बताया कि कंपनियाँ सेमीकंडक्टर की लंबी अवधि की मांग की स्थिरता को लेकर अनिश्चित हैं।
Adइस अनिश्चितता के कारण, उन्हें यह आवश्यक नहीं लगा कि इतना बड़ा अग्रिम भुगतान किया जाए। आधिकारिक तौर पर, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स दोनों ने इस मामले पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
उद्योग के लिए इसका क्या मतलब है?
यह फैसला चिप उद्योग की तीव्र विस्तार योजनाओं और बिजली प्रदाताओं के सामने आने वाली वित्तीय व ढांचागत चुनौतियों के बीच एक संभावित टकराव को उजागर करता है। सेमीकंडक्टर फैब्स के लिए बिजली का बुनियादी ढांचा तैयार करना एक बड़ी और महंगी प्रक्रिया है।
इस अग्रिम भुगतान के बिना, KEPCO को फंडिंग के लिए अन्य रास्ते तलाशने पड़ सकते हैं, जिससे इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने में देरी हो सकती है। निवेशकों के लिए, यह इस बात का संकेत है कि चिप निर्माता भविष्य की मांग को लेकर सतर्क हैं और बड़े पूंजीगत व्यय के प्रति सावधानी बरत रहे हैं, भले ही वे विस्तार की योजना बना रहे हों।