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रोल्स-रॉयस को नैरोबॉडी इंजन पर यूके सरकार से जल्द फैसले की उम्मीद: सीईओ

Summary
रोल्स-रॉयस के सीईओ ने कहा है कि कंपनी को नैरोबॉडी विमानों के लिए एक नए इंजन के विकास में सह-निवेश हेतु यूके सरकार से जल्द सब्सिडी निर्णय की आवश्यकता है। यह परियोजना ब्रिटेन के लिए हजारों नौकरियां पैदा कर सकती है और कंपनी को एक बड़े बाजार में फिर से प्रवेश करने में मदद करेगी।
ब्रिटिश इंजीनियरिंग कंपनी रोल्स-रॉयस को नैरोबॉडी (एकल-गलियारे वाले) विमानों के लिए एक नया इंजन विकसित करने हेतु यूके सरकार से जल्द ही सब्सिडी पर निर्णय की आवश्यकता है। कंपनी के सीईओ तुफान एर्गिनबिलगिक ने फ़ार्नबरो एयरशो में यह जानकारी दी।
परियोजना का महत्व
रोल्स-रॉयस इस नए इंजन के माध्यम से आकर्षक सिंगल-आइल एयरफ्रेम सेक्टर में वापसी करना चाहता है, जिससे वह पिछले 15 वर्षों से बाहर है। यह बाजार वाइडबॉडी विमानों की तुलना में काफी बड़ा है, जिस पर कंपनी वर्तमान में केंद्रित है।
सीईओ एर्गिनबिलगिक के अनुसार, यदि सरकार इस परियोजना का समर्थन करती है और रोल्स-रॉयस का नया इंजन किसी नैरोबॉडी एयरफ्रेम पर जगह बना लेता है, तो इससे ब्रिटेन में 40,000 नौकरियां पैदा हो सकती हैं। यह यूके के लिए उन्नत विनिर्माण, रोजगार और निर्यात के मामले में एक बड़ी सफलता होगी। कंपनी इस इंजन के लिए एक विनिर्माण साझेदारी भी तलाश रही है।
समय-सीमा और सरकारी वार्ता
एर्गिनबिलगिक ने बताया कि बोइंग और एयरबस जैसी विमान निर्माता कंपनियां अगले दो वर्षों में अपने नए जेट के लिए इंजनों पर फैसला करेंगी। इसी कारण रोल्स-रॉयस को किसी भी सब्सिडी पर जल्द से जल्द निर्णय की आवश्यकता है। उन्होंने यूके सरकार के साथ बातचीत को "प्रगति पर" बताया।
Adउन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन में हालिया नेतृत्व परिवर्तन के बावजूद वे आशान्वित हैं। सीईओ ने विशेष रूप से नए वित्त मंत्री, जॉन हीली का उल्लेख किया, जो पहले रक्षा विभाग संभाल चुके हैं। एर्गिनबिलगिक के अनुसार, "वह रोल्स-रॉयस और हमारे एजेंडे को समझते हैं और यह भी जानते हैं कि हम देश में कितना योगदान करते हैं।"
ब्रिटेन के अलावा अन्य विकल्प
हालांकि कंपनी की प्राथमिकता इस परियोजना को ब्रिटेन में ही विकसित करने की है, लेकिन सीईओ ने पुष्टि की कि उनके पास अन्य विकल्प भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा, "हम इसे अपनी जड़ों के कारण यूके में करना चाहेंगे। क्या हमारे पास अन्य विकल्प हैं? हाँ।"
रिपोर्ट्स के अनुसार, रोल्स-रॉयस की अन्य सरकारों के साथ भी बातचीत चल रही है, जिसमें जर्मनी और संयुक्त राज्य अमेरिका रुचि दिखा रहे हैं। यह स्थिति इस महत्वपूर्ण निवेश को आकर्षित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा को उजागर करती है।