Story
RBI ने विदेशी मुद्रा स्वैप सुविधा समय से पहले बंद की, $5.5 अरब से अधिक का प्रवाह आकर्षित हुआ

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह बैंकों के लिए अपनी रियायती विदेशी मुद्रा स्वैप सुविधा को निर्धारित समय से एक महीने पहले समाप्त कर देगा। केंद्रीय बैंक ने यह निर्णय इस योजना के तहत 5.5 अरब डॉलर से अधिक का पर्याप्त विदेशी मुद्रा प्रवाह आकर्षित होने के बाद लिया है।
योजना को समय से पहले क्यों बंद किया गया?
RBI ने एक बयान में कहा कि विदेशी मुद्रा अनिवासी (बैंक) यानी FCNR(B) जमा के लिए इस स्वैप सुविधा को अब 30 सितंबर की मूल समय सीमा के बजाय 31 अगस्त को ही बंद कर दिया जाएगा। यह योजना जून में भारत के भुगतान संतुलन (Balance of Payments) की स्थिति को सुधारने के लिए शुरू किए गए उपायों के एक पैकेज का हिस्सा थी।
केंद्रीय बैंक के अनुसार, "FCNR(B) जमा स्वैप सुविधा को मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया और इसके परिणामस्वरूप हुए पर्याप्त विदेशी मुद्रा प्रवाह को देखते हुए, इस योजना को पहले समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।" इस कदम से संकेत मिलता है कि RBI विदेशी मुद्रा भंडार और रुपये की स्थिरता को लेकर आश्वस्त है।
प्रवाह के आंकड़े
Ad8 जून से 13 अगस्त के बीच इस सुविधा के माध्यम से आकर्षित हुए कुल प्रवाह का विवरण इस प्रकार है:
- FCNR(B) जमा: बैंकों के माध्यम से $5.23 अरब का प्रवाह हुआ।
- बाहरी वाणिज्यिक उधार (ECB) स्वैप: इस माध्यम से अतिरिक्त $17 करोड़ जुटाए गए।
- अधिकृत ऋणदाताओं द्वारा विदेशी मुद्रा उधार: इसके जरिये $28 करोड़ का प्रवाह आया।
अन्य सुविधाओं पर प्रभाव
RBI ने स्पष्ट किया है कि बाहरी वाणिज्यिक उधार और विदेशी मुद्रा उधार से संबंधित अन्य सुविधाएं मूल योजना के अनुसार साल के अंत तक खुली रहेंगी। केवल FCNR(B) जमा से जुड़ी शून्य-लागत हेजिंग स्वैप सुविधा को ही समय से पहले बंद किया जा रहा है, जो इसकी प्रभावशीलता और निर्धारित लक्ष्यों की शीघ्र प्राप्ति को दर्शाता है।