Story
लाल सागर में सऊदी तेल टैंकरों पर हूती हमला, वैश्विक तेल आपूर्ति पर नया संकट

Summary
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में दो सऊदी तेल टैंकरों पर हमला करने का दावा किया है, जिससे होरमुज़ जलडमरूमध्य के बाद अब एक और प्रमुख वैश्विक तेल मार्ग पर संकट गहरा गया है।
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने गुरुवार को दावा किया कि उन्होंने लाल सागर में दो सऊदी तेल टैंकरों पर हमला किया है। यह कदम होरमुज़ जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा की गई नाकाबंदी के बाद वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक दूसरे प्रमुख अवरोध बिंदु (chokepoint) के उभरने का संकेत देता है, जिससे ऊर्जा बाज़ारों में अनिश्चितता बढ़ गई है।
हमले का विवरण
यमन स्थित हूती विद्रोहियों ने एक बयान में कहा कि उन्होंने लाल सागर में एंसलिया (Encelia) और लायला (Layla) नामक दो सऊदी तेल टैंकरों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। रॉयटर्स के अनुसार, सऊदी अरब की सरकारी समाचार एजेंसी SPA ने एक आधिकारिक सूत्र के हवाले से पुष्टि की है कि एंसलिया टैंकर पर हमला हुआ, जिससे उसके अगले हिस्से में आग लग गई। हालांकि, लाय-ला पर हमले की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
यह हमला सऊदी बंदरगाह जिज़ान के पास हुआ। हूती विद्रोहियों ने सोमवार को सऊदी अरब के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी लागू करने की घोषणा की थी, और यह हमला उसी कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है।
बाज़ार और आपूर्ति मार्गों पर असर
इस घटना ने वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखलाओं पर तत्काल प्रभाव डाला है। बुधवार को कम से कम पाँच टैंकरों ने बाब अल-मन्देब जलडमरूमध्य से बचने के लिए अपना रास्ता बदल दिया। यह जलडमरूमध्य अरब प्रायद्वीप के दक्षिणी सिरे पर स्थित एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है।
Ad- सऊदी अरब होरमुज़ जलडमरूमध्य से बचने के लिए अपने लाल सागर बंदरगाह यानबु का उपयोग कर रहा था।
- लाल सागर मार्ग के बाधित होने से सऊदी तेल निर्यात के लिए केवल स्वेज नहर के माध्यम से उत्तरी मार्ग का विकल्प बचता है।
- इस वैकल्पिक मार्ग से परिवहन में कई सप्ताह अधिक लगेंगे और लागत भी काफी बढ़ जाएगी, जिससे तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं।
बढ़ता क्षेत्रीय तनाव
यह हमला अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि में हुआ है। अमेरिकी सेना ने ईरान पर लगातार 12 रातों तक हमले किए हैं। इसके जवाब में, ईरान ने होरमुज़ जलडमरूमध्य को लगभग पूरी तरह से बंद कर दिया है और क्षेत्रीय तेल और गैस बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की धमकी दी है।
विश्लेषकों का मानना है कि हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में खतरा पैदा करना ईरान की एक रणनीतिक चाल हो सकती है ताकि वह अमेरिका के साथ चल रहे संघर्ष में अपनी स्थिति मजबूत कर सके। इस घटनाक्रम से मध्य पूर्व में पहले से ही अस्थिर भू-राजनीतिक स्थिति और जटिल हो गई है, जिसका सीधा असर वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ रहा है।