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फेड मिनट्स से पहले डॉलर मजबूत, पाउंड सीमित दायरे में

Summary
कमजोर अमेरिकी जॉब डेटा के बावजूद डॉलर में मजबूती बनी हुई है, क्योंकि निवेशक इस सप्ताह फेडरल रिजर्व की बैठक के ब्यौरे (मिनट्स) का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच, ब्रिटिश पाउंड में सीमित दायरे में कारोबार हो रहा है।
सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ब्रिटिश पाउंड लगभग सपाट कारोबार कर रहा है, जबकि यूरो में अधिक गिरावट देखी गई। निवेशक इस सप्ताह बुधवार को जारी होने वाले फेडरल रिजर्व (FOMC) के मिनट्स का इंतजार कर रहे हैं, जिनसे बाजार को आक्रामक (hawkish) रुख की उम्मीद है।
डॉलर की मजबूती और फेड का रुख
डॉलर को किसी एक कारक से नहीं, बल्कि ब्याज दरों को लेकर समग्र दृष्टिकोण से समर्थन मिल रहा है। पिछले हफ्ते जारी हुए जून के कमजोर नॉन-फार्म पेरोल के आंकड़ों का भी ग्रीनबैक पर कोई स्थायी असर नहीं हुआ।
आईएनजी (ING) के ग्लोबल हेड ऑफ मार्केट्स, क्रिस टर्नर के अनुसार, "डॉलर में शॉर्ट पोजीशन बनाने के लिए एक मजबूत वजह की जरूरत है, जो फिलहाल मौजूद नहीं है।" उन्होंने कहा कि फेडरल रिजर्व लगातार पांच वर्षों तक अपने लक्ष्य से चूकने के बाद मूल्य स्थिरता बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है, और कई सदस्य अगली कार्रवाई के रूप में ब्याज दरों में बढ़ोतरी देख सकते हैं। मनी मार्केट अब भी इस साल फेड द्वारा लगभग 31 बेसिस पॉइंट्स की सख्ती की उम्मीद कर रहा है।
पाउंड और यूरो का प्रदर्शन
सोमवार को स्टर्लिंग की कमजोरी ब्रिटेन के घरेलू कारकों से प्रेरित नहीं है। पाउंड दो सप्ताह के उच्च स्तर के करीब बना हुआ है, जिसे पुरानी शॉर्ट पोजीशन के कटने से समर्थन मिला है। हालांकि, ब्रिटेन में राजनीतिक जोखिम बना हुआ है। आईएनजी ने आगाह किया है कि नई सरकार के सामने गंभीर राजकोषीय बाधाएं होंगी, जिससे कर वृद्धि एक संभावित उपाय हो सकता है।
Adआईएनजी का यह भी मानना है कि बैंक ऑफ इंग्लैंड इस साल दरों में बढ़ोतरी नहीं करेगा, जिससे राजनीतिक स्थिति स्पष्ट होने पर स्टर्लिंग में हालिया बढ़त खोने का खतरा है। इस बीच, यूरो/डॉलर 1.1400 के स्तर से ऊपर स्थिर बना हुआ है, लेकिन इस सप्ताह यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के कई अधिकारियों के भाषणों पर नजर रहेगी।
बाजार के लिए आगे क्या है?
इस सप्ताह का सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम बुधवार को आने वाले FOMC मिनट्स हैं, जिनसे बाजार को फेड के कड़े रुख का संकेत मिलने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, आज जारी होने वाले जून के ISM सर्विसेज के आंकड़े मुद्रास्फीति के संकेतों के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
विश्लेषकों का मानना है कि जब तक फेड द्वारा दरें बढ़ाने के स्पष्ट सबूत नहीं मिलते, तब तक प्रमुख मुद्राओं में एक सीमित दायरे में कारोबार हो सकता है। डॉलर इंडेक्स (DXY) के लिए 100.60 पर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर देखा जा रहा है।