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सऊदी और ईरानी आपूर्ति में बाधा के कारण अगस्त में ओपेक का तेल उत्पादन गिरा: रॉयटर्स सर्वे

Summary
रॉयटर्स के एक सर्वेक्षण के अनुसार, अगस्त में ओपेक का तेल उत्पादन 640,000 बैरल प्रति दिन घट गया। यह गिरावट मुख्य रूप से सऊदी अरब के निर्यात में व्यवधान और ईरानी शिपमेंट में कटौती के कारण आई।
रॉयटर्स के एक सर्वेक्षण के अनुसार, पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) के तेल उत्पादन में अगस्त में भारी गिरावट आई है। यह गिरावट मुख्य रूप से ईरान में युद्ध के कारण सऊदी निर्यात में नए व्यवधान और अमेरिकी नाकाबंदी से ईरानी शिपमेंट में कटौती के कारण हुई।
उत्पादन के प्रमुख आंकड़े
सर्वेक्षण में पाया गया कि 11-सदस्यीय ओपेक का कच्चा तेल उत्पादन महीने-दर-महीने 640,000 बैरल प्रति दिन (bpd) घटकर 19.71 मिलियन bpd रह गया। यह गिरावट वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव को दर्शाती है और ऊर्जा बाजारों के लिए महत्वपूर्ण है।
गिरावट के मुख्य कारण
उत्पादन में कमी के दो मुख्य कारक थे। पहला, ईरान में चल रहे युद्ध ने सऊदी अरब के निर्यात को बाधित किया, जिससे वैश्विक बाजार में उसकी आपूर्ति कम हो गई। दूसरा, संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा लगाई गई नाकाबंदी ने ईरान के शिपमेंट को सीधे तौर पर प्रभावित किया, जिससे उसके उत्पादन में और कमी आई।
Adबाजार का संदर्भ
यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब रूस जैसे सहयोगियों सहित ओपेक+ उत्पादक समूह के सात सदस्यों ने अगस्त में उत्पादन बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की थी। हालांकि, रॉयटर्स के सर्वेक्षण के अनुसार, मध्य पूर्व में संघर्ष ने इस योजना को असंभव बना दिया, जिससे बाजार में आपूर्ति की उम्मीदों के विपरीत कमी आई।
यह सर्वेक्षण वित्तीय समूह LSEG और केप्लर (Kpler) जैसी अन्य फर्मों से प्राप्त शिपिंग डेटा और तेल कंपनियों, ओपेक तथा सलाहकारों के सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित है।