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ईरान-अमेरिका तनाव कम होने की उम्मीद से तेल की कीमतें 5% गिरकर दो सप्ताह के निचले स्तर पर

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Jul 28, 20262 min read
ईरान-अमेरिका तनाव कम होने की उम्मीद से तेल की कीमतें 5% गिरकर दो सप्ताह के निचले स्तर पर

Summary

मध्य पूर्व में राजनयिक प्रयासों से ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने की उम्मीदों के कारण मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में 5% की भारी गिरावट आई, जिससे ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई वायदा दो सप्ताह के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया।

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मध्य पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीदों के बीच मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में 5% की भारी गिरावट आई, जो दो सप्ताह के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। ब्रेंट वायदा $4.61 (5.2%) गिरकर $83.75 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि यू.एस. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड $4.06 (4.9%) की गिरावट के साथ $78.55 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो 13 जुलाई के बाद का सबसे निचला स्तर है।

मध्य पूर्व में राजनयिक प्रयास

कीमतों में यह गिरावट मुख्य रूप से ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव में कमी की संभावनाओं के कारण आई है। रॉयटर्स के अनुसार, ओमान ने खाड़ी देशों द्वारा समर्थित एक योजना ईरान को प्रस्तुत की है जिसका उद्देश्य होरमुज़ जलडमरूमध्य में व्यापार को सामान्य बनाना है। युद्ध शुरू होने से पहले इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता था।

हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ "अच्छी बातचीत" का उल्लेख किया, लेकिन उन्होंने सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू करने की चेतावनी भी दी। दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत की मांग से इनकार किया है। इन मिश्रित संकेतों के बावजूद, बाजार ने किसी भी संभावित समाधान की खबर पर नकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिससे तेल की कीमतों में नरमी आई है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था और आपूर्ति के कारक

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डॉलर की मजबूती ने भी तेल की कीमतों पर दबाव डाला है। अमेरिकी डॉलर चार सप्ताह के उच्च स्तर के करीब है, जिससे अन्य मुद्राओं का उपयोग करने वाले खरीदारों के लिए तेल अधिक महंगा हो गया है और मांग कम हो सकती है। निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा इस सप्ताह संभावित ब्याज दर वृद्धि को लेकर भी सतर्क हैं, क्योंकि इससे आर्थिक विकास धीमा हो सकता है।

आपूर्ति पक्ष पर, यूक्रेन और रूस के बीच शांति वार्ता में प्रगति की संभावना से रूसी तेल पर प्रतिबंधों में ढील मिल सकती है, जिससे वैश्विक बाजार में आपूर्ति बढ़ सकती है। हालांकि, यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरामको के जिज़ान रिफाइनरी पर हमले जैसी घटनाएं मध्य पूर्व में जोखिमों को उजागर करती रहती हैं।

आगे का दृष्टिकोण: अमेरिकी भंडार

व्यापारियों और निवेशकों की नजर अब अमेरिकी पेट्रोलियम संस्थान (API) और अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) द्वारा जारी किए जाने वाले साप्ताहिक तेल भंडार के आंकड़ों पर है। विश्लेषकों का अनुमान है कि 24 जुलाई को समाप्त सप्ताह के दौरान कच्चे तेल के भंडार में 1.4 मिलियन बैरल की कमी आ सकती है, जो बाजार की दिशा को और प्रभावित कर सकता है।

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