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अमेरिका-ईरान तनाव से तेल की कीमतों में उछाल, वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट

Summary
अमेरिका और ईरान के बीच नए सैन्य हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भारी तेजी आई है। वहीं, चिप शेयरों में बिकवाली के दबाव के कारण दुनिया भर के शेयर बाजारों में गिरावट का रुख देखा जा रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में हाल ही में तेल टैंकरों पर हुए हमलों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच नए सैन्य टकराव ने वैश्विक बाजारों में हलचल मचा दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के इस बयान कि दोनों देशों के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) "खत्म" हो गया है, के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है। इस घटनाक्रम के कारण ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत 78 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई।
इस भू-राजनीतिक तनाव का असर वैश्विक शेयर बाजारों पर भी पड़ा है, जहाँ बिकवाली का दबाव बना हुआ है। खासकर चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी जा रही है। मंगलवार को अमेरिका में SOX चिप इंडेक्स में लगभग 5% और नैस्डैक में 1% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
एशियाई बाजारों में भी गिरावट का माहौल है। दक्षिण कोरिया का प्रमुख KOSPI इंडेक्स अपने हालिया रिकॉर्ड उच्च स्तर से 20% तक गिरकर बेयर मार्केट क्षेत्र में प्रवेश कर गया है। सैमसंग और एसके हाइनिक्स जैसे प्रमुख चिप निर्माताओं के शेयरों में गिरावट इसका मुख्य कारण रही, बावजूद इसके कि सैमसंग ने हाल ही में अच्छे नतीजे पेश किए थे।
Adइन सबके बीच, वैश्विक स्तर पर मुद्रास्फीति का दबाव भी एक चिंता का विषय बना हुआ है। न्यूजीलैंड के केंद्रीय बैंक ने मुद्रास्फीति से निपटने के लिए ब्याज दरों में चौथाई प्रतिशत की बढ़ोतरी की है, जिससे वैश्विक मूल्य दबावों का संकेत मिलता है। निवेशक अब फेडरल रिजर्व की पिछली नीति बैठक के मिनट्स जारी होने का इंतजार कर रहे हैं, जिससे भविष्य की मौद्रिक नीति पर और प्रकाश पड़ सकता है।