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ईरान तनाव के बावजूद कच्चा तेल साप्ताहिक गिरावट की ओर, ब्रेंट 5% से ज़्यादा टूटा

Summary
भू-राजनीतिक तनावों, विशेष रूप से ईरान के साथ अमेरिका के गतिरोध के बावजूद, कच्चे तेल की कीमतें शुक्रवार को गिर गईं और दो सप्ताह की बढ़त के बाद एक महत्वपूर्ण साप्ताहिक नुकसान दर्ज करने की राह पर हैं।
शुक्रवार को तेल की कीमतों में गिरावट आई, जिससे यह दो सप्ताह की बढ़त के सिलसिले को तोड़ते हुए साप्ताहिक नुकसान की ओर अग्रसर है। यह गिरावट उन रिपोर्टों के बावजूद आई है, जिनमें कहा गया है कि अमेरिका ईरान के साथ पिछले सौदे की शर्तों पर लौटने में कोई दिलचस्पी नहीं रखता है, जिससे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है।
कीमतों का साप्ताहिक प्रदर्शन
बाजार के प्रमुख बेंचमार्क में इस सप्ताह उल्लेखनीय गिरावट देखी गई है, जो निवेशकों की धारणा में बदलाव का संकेत है।
- ब्रेंट क्रूड वायदा 25 सेंट या 0.3% गिरकर $89.45 प्रति बैरल पर आ गया। इस सप्ताह इसमें 5.3% की गिरावट की आशंका है।
- वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड वायदा 22 सेंट या 0.3% की गिरावट के साथ $83.31 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। यह बेंचमार्क साप्ताहिक आधार पर 4.3% की गिरावट की ओर बढ़ रहा है।
भू-राजनीतिक कारक बेअसर
Adआमतौर पर, भू-राजनीतिक अस्थिरता से तेल की कीमतों को समर्थन मिलता है, लेकिन इस सप्ताह ऐसा नहीं हुआ। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने मामले से परिचित लोगों का हवाला देते हुए बताया कि ट्रंप प्रशासन ने मध्यस्थों से कहा है कि वह जून के समझौता ज्ञापन को पुनर्जीवित करने में दिलचस्पी नहीं रखता है, जिससे बातचीत फिर से शुरू करने के राजनयिक प्रयास जटिल हो गए हैं।
इससे पहले, वाशिंगटन ने कहा था कि वह ईरान के साथ बातचीत नहीं कर रहा है, और सोमवार को अमेरिका ने ईरान पर "इतिहास में सबसे कड़े प्रतिबंध" लगाने की घोषणा की थी। इसके अलावा, मॉस्को द्वारा ब्रिटेन के सैन्य ठिकानों पर हमला करने की चेतावनी के बाद भी बाजार में कोई बड़ी तेजी नहीं आई, जो यह दर्शाता है कि आपूर्ति संबंधी चिंताओं पर अन्य कारक हावी हो रहे हैं।
बाजार के लिए मायने
कीमतों में साप्ताहिक गिरावट यह संकेत देती है कि निवेशक ईरान और रूस से जुड़े भू-राजनीतिक जोखिमों से ज़्यादा व्यापक आर्थिक संकेतों या मांग संबंधी चिंताओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हालांकि गुरुवार को कीमतों में थोड़ी बढ़त हुई थी, लेकिन समग्र साप्ताहिक रुझान नकारात्मक बना हुआ है। यह बताता है कि बाजार ने मौजूदा तनाव के एक हिस्से को पहले ही शामिल कर लिया है या आपूर्ति में तत्काल किसी बड़ी बाधा की उम्मीद नहीं कर रहा है।