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अमेरिका-ईरान तनाव: जहाजों पर हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल जारी

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Sep 7, 20262 min read
अमेरिका-ईरान तनाव: जहाजों पर हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल जारी

Summary

अमेरिका और ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में एक-दूसरे के तेल टैंकरों पर हमले के बाद मध्य पूर्व से आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी है।

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Background

मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण सोमवार को तेल की कीमतों में तेजी जारी रही। अमेरिका और ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य और अन्य क्षेत्रों में जहाजों पर जवाबी हमलों ने वैश्विक तेल आपूर्ति में लंबी रुकावट की चिंताओं को बढ़ा दिया है।

सोमवार को शुरुआती कारोबार में, ब्रेंट क्रूड वायदा 52 सेंट (0.54%) बढ़कर $96.80 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि यू.एस. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 66 सेंट (0.72%) चढ़कर $92.14 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। रॉयटर्स के अनुसार, पिछले सप्ताह ब्रेंट में 7.8% और WTI में लगभग 10% की बढ़त दर्ज की गई थी।

हमलों से बढ़ा आपूर्ति का संकट

यह तनाव तब बढ़ा जब अमेरिकी और ईरानी सेनाओं ने एक-दूसरे के जहाजों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शनिवार को कहा कि अमेरिकी सेना ने तीन ईरानी तेल टैंकरों पर हमला किया। इसके जवाब में, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने घोषणा की कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में अनधिकृत मार्गों से यात्रा कर रहे तीन तेल टैंकरों और अन्य क्षेत्रों में तीन अतिरिक्त अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाया है।

विश्लेषक फर्म केप्लर (Kpler) के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 10 दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य से प्रतिदिन औसतन केवल 10 कमोडिटी जहाज गुजरे हैं, जो मई के बाद का सबसे निचला स्तर है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है, जहाँ से दुनिया की लगभग पाँचवाँ हिस्सा तेल आपूर्ति गुजरती है। समुद्री खुफिया फर्म मैरिस्क (Marisks) ने इन घटनाओं को "समुद्री संघर्ष में एक बड़ी वृद्धि" बताया है।

बाजार का नजरिया और भविष्य का अनुमान

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विश्लेषकों का मानना है कि इस टकराव का असर लंबे समय तक रह सकता है। ANZ के विश्लेषकों ने एक नोट में कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच एक लंबा गतिरोध सबसे संभावित परिदृश्य लगता है, जिससे मध्य पूर्व की आपूर्ति में पूरी तरह से सुधार में देरी होगी।

ANZ ने अनुमान लगाया है:

  • 2026 के अंत तक निर्यात बाधित रहने की उम्मीद है।
  • 2026 की चौथी तिमाही के अंत में धीरे-धीरे आपूर्ति फिर से शुरू हो सकती है।
  • युद्ध-पूर्व स्तर पर आपूर्ति की वापसी 2027 की पहली तिमाही के अंत या दूसरी तिमाही की शुरुआत तक अपेक्षित नहीं है।

इस बीच, ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रेज़ाई ने रविवार को कहा कि आने वाले दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर एक प्रतिबंधित क्षेत्र की घोषणा की जाएगी। वहीं, ओपेक+ (OPEC+) समूह ने रविवार को हुई बैठक में अक्टूबर के लिए अपनी तेल उत्पादन नीति में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है।

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