Story
लीबिया और सऊदी अरब में आपूर्ति बाधित, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

Summary
लीबिया में फोर्स मेजर की चेतावनी और सऊदी अरब में एक प्रमुख तेल पाइपलाइन पर हमले के बाद वैश्विक आपूर्ति संबंधी चिंताओं के कारण मंगलवार को तेल की कीमतों में तेजी आई।
लीबिया में उत्पादन रुकने और सऊदी अरब में एक महत्वपूर्ण पाइपलाइन के बाधित होने से वैश्विक आपूर्ति को लेकर चिंताएँ बढ़ने के कारण मंगलवार को तेल की कीमतों में वृद्धि देखी गई। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा 1.7% बढ़कर $107.59 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 2.2% चढ़कर $103.59 प्रति बैरल हो गया।
लीबिया में आपूर्ति की अनिश्चितता
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, लीबिया के राष्ट्रीय तेल निगम (NOC) ने तीन तेल क्षेत्रों में उत्पादन और संचालन निलंबित कर दिया है। यह कदम तब उठाया गया जब पेट्रोलियम सुविधाओं की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार गार्डों ने हमादा-ज़ाविया कच्चे तेल की लोडिंग पाइपलाइन पर एक वाल्व बंद कर दिया।
NOC ने चेतावनी दी है कि यदि वाल्व बंद रहता है या अन्य क्षेत्रों में उत्पादन रुकता है, तो वह अनुबंध संबंधी दायित्वों पर फ़ोर्स मेजर (अप्रत्याशित घटना) की घोषणा कर सकता है। 2011 में पूर्व नेता मुअम्मर गद्दाफी के खिलाफ विद्रोह के बाद से लीबिया का तेल उत्पादन राजनीतिक या तकनीकी कारणों से बार-बार बाधित हुआ है।
सऊदी पाइपलाइन बंद होने से बाजार में बेचैनी
लीबिया के घटनाक्रम के अलावा, बाजार सऊदी अरब की एक प्रमुख पूर्व-पश्चिम तेल पाइपलाइन के बंद होने से भी चिंतित है। रॉयटर्स ने यमनी अधिकारियों का हवाला देते हुए बताया कि ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमले के बाद यह पाइपलाइन बंद कर दी गई है। यह पाइपलाइन होर्मुज जलडमरूमध्य से शिपिंग में बाधा आने के बाद तेल प्रवाह के लिए एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक मार्ग बन गई थी।
Adएसोसिएटेड प्रेस ने क्षेत्रीय अधिकारियों का हवाला देते हुए बताया कि 1,200 किलोमीटर लंबी इस पाइपलाइन को क्षतिग्रस्त सुविधाओं की मरम्मत के लिए तीन से पांच सप्ताह तक बंद रखा जाएगा।
- क्षमता: हाल के हफ्तों में पाइपलाइन से प्रतिदिन 2.6 मिलियन से 4 मिलियन बैरल तेल का परिवहन हो रहा था।
- वैश्विक प्रभाव: व्यापारियों का अनुमान है कि लंबे समय तक बंद रहने से वैश्विक तेल आपूर्ति का 4% तक प्रभावित हो सकता है।
बाजार पर प्रभाव और भू-राजनीतिक तनाव
विश्लेषकों का मानना है कि इन आपूर्ति बाधाओं से तेल की कीमतों को मजबूत समर्थन मिलेगा। आईएनजी (ING) के विश्लेषकों ने एक नोट में लिखा, "तेल की कीमतों को अभी मजबूत समर्थन मिला है, और जब तक सऊदी आपूर्ति के दृष्टिकोण पर अधिक स्पष्टता नहीं होती, तब तक इस समर्थन के टूटने की संभावना नहीं है।"
यह घटनाक्रम मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच हुआ है। ओमान में ईरान और खाड़ी देशों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर होने वाली वार्ता स्थगित कर दी गई है। इन आपूर्ति संबंधी चिंताओं ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिससे निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं।