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प्रमुख करेंसी जोड़ों में बुधवार को अरबों डॉलर के ऑप्शंस की होगी एक्सपायरी

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Jul 12, 20262 min read
प्रमुख करेंसी जोड़ों में बुधवार को अरबों डॉलर के ऑप्शंस की होगी एक्सपायरी
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डिपॉजिटरी ट्रस्ट एंड क्लियरिंग कॉर्पोरेशन (DTCC) के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को प्रमुख करेंसी जोड़ों में अरबों डॉलर के कई बड़े ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी होने वाली है। यह घटनाक्रम विदेशी मुद्रा बाजार में अल्पकालिक अस्थिरता को बढ़ा सकता है क्योंकि ट्रेडर्स अपनी पोजीशन को समायोजित करते हैं।

प्रमुख करेंसी जोड़ों में बड़ी एक्सपायरी

DTCC के डेटा से पता चलता है कि कई प्रमुख करेंसी पेयर्स में महत्वपूर्ण स्ट्राइक प्राइस पर बड़ी मात्रा में ऑप्शंस एक्सपायर हो रहे हैं। यह बाजार की गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है, खासकर न्यूयॉर्क कट के आसपास।

  • EUR/USD: इस जोड़ी में €1.88 अरब के ऑप्शंस 1.1400 की स्ट्राइक पर, €1.33 अरब के ऑप्शंस 1.1500 पर और €960 मिलियन के ऑप्शंस 1.1750 पर एक्सपायर होंगे।
  • USD/JPY: $1.12 अरब के ऑप्शंस 164.50 की स्ट्राइक पर, $1.05 अरब 160.00 पर और $949.6 मिलियन 163.50 पर एक्सपायर होने वाले हैं।
  • GBP/USD: इस जोड़ी में बुधवार को £1.37 अरब की एक बड़ी एक्सपायरी 1.3350 की स्ट्राइक प्राइस पर निर्धारित है।
  • USD/CAD: 1.4250 की स्ट्राइक पर $731.4 मिलियन और 1.4100 पर $594.3 मिलियन के ऑप्शंस एक्सपायर होंगे।

इनके अलावा, AUD/USD, USD/CNY, और EUR/GBP जैसे अन्य जोड़ों में भी विभिन्न स्ट्राइक कीमतों पर ऑप्शंस की एक्सपायरी होनी है।

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बाजार के लिए इसके क्या मायने हैं?

बड़े ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी अक्सर स्पॉट करेंसी रेट्स के लिए एक "चुंबक" के रूप में काम कर सकती है। ट्रेडर्स कीमत को किसी खास स्ट्राइक प्राइस की ओर या उससे दूर धकेलने की कोशिश कर सकते हैं ताकि उनके ऑप्शंस इन-द-मनी (लाभदायक) या आउट-ऑफ-द-मनी (गैर-लाभदायक) हो जाएं।

इस प्रक्रिया को "पिनिंग" कहा जाता है और यह एक्सपायरी के समय के आसपास संबंधित करेंसी जोड़ों में अस्थिरता बढ़ा सकती है। निवेशकों और ट्रेडर्स को इन स्तरों पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि वे अल्पकालिक समर्थन (support) या प्रतिरोध (resistance) के रूप में कार्य कर सकते हैं। हालांकि, यह प्रभाव आमतौर पर अस्थायी होता है और बाजार का ध्यान जल्द ही व्यापक मैक्रो-इकोनॉमिक कारकों पर लौट आता है।

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