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फेडरल रिजर्व द्वारा दर वृद्धि की उम्मीदें घटने से लैटिन अमेरिकी मुद्राओं में मजबूती

अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) द्वारा सितंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें कम होने के कारण सोमवार को डॉलर के मुकाबले अधिकांश लैटिन अमेरिकी मुद्राओं में मजबूती देखी गई। पिछले सप्ताह दर्ज की गई भारी गिरावट के बाद इस क्षेत्र की मुद्राओं में यह सुधार आया है।
प्रमुख घटनाक्रम
पिछले सप्ताह अमेरिका के उम्मीद से कमजोर आर्थिक आंकड़ों के बाद निवेशकों ने फेड द्वारा तत्काल दर वृद्धि की संभावना को कम कर दिया। इसके परिणामस्वरूप, लैटिन अमेरिकी मुद्राओं को ट्रैक करने वाले MSCI इंडेक्स में 0.22% की बढ़त दर्ज की गई।
हालांकि, क्षेत्रीय इक्विटी में मामूली गिरावट देखी गई, और संबंधित MSCI इंडेक्स 0.09% फिसल गया। कमोडिटी की ऊंची कीमतों ने शेयर बाजारों में होने वाले नुकसान को सीमित करने में मदद की।
बाजार पर असर और निवेशकों के लिए मायने
फेड के कम आक्रामक रुख की उम्मीद से डॉलर पर दबाव बढ़ा है, जिससे उच्च यील्ड (प्रतिफल) वाले बाजारों में कैरी ट्रेड का आकर्षण बढ़ जाता है। कैरी ट्रेड में निवेशक कम ब्याज दर वाली मुद्रा में उधार लेकर उच्च ब्याज दर वाली मुद्रा में निवेश करते हैं।
Adविश्लेषकों का मानना है कि इस क्षेत्र की मुद्राओं को फेड के नरम रुख से फायदा हो सकता है। UBS के विश्लेषकों ने एक नोट में लिखा, "निकट भविष्य में प्रमुख मुद्राओं में सीमित दायरे में कारोबार हो सकता है, लेकिन हम कैरी और यील्ड पिकअप के अवसर देखना जारी रखते हैं।"
पृष्ठभूमि और आगे का नजरिया
पिछले सप्ताह लैटिन अमेरिकी संपत्तियों पर भारी दबाव था। इसका मुख्य कारण ब्राजील के बाजारों में चुनावी अनिश्चितता और केंद्रीय बैंक के आक्रामक संदेश के कारण हुई बिकवाली थी। इसके अतिरिक्त, निवेशकों का रुझान सेमीकंडक्टर-केंद्रित एशियाई इक्विटी की ओर बढ़ने से भी इस क्षेत्र पर असर पड़ा।
फिलहाल, निवेशकों की दिलचस्पी टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से प्रेरित उभरते बाजारों में बनी हुई है, जो लैटिन अमेरिका के कमोडिटी-केंद्रित एक्सचेंजों पर भारी पड़ रही है। हालांकि, कुछ विश्लेषकों का मानना है कि अगर AI को लेकर उत्साह कम होता है, तो निवेशकों का ध्यान वापस लैटिन अमेरिका की ओर आकर्षित हो सकता है।