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ब्याज दरें बढ़ाने के बावजूद जापानी येन में गिरावट, डॉलर 157 के पार

Summary
बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरों को 1995 के बाद के उच्चतम स्तर पर बढ़ाने के बावजूद जापानी येन में शुक्रवार को भारी गिरावट आई। बाजार ने इस बढ़ोतरी का अनुमान पहले ही लगा लिया था और केंद्रीय बैंक के नरम संकेतों ने मुद्रा पर दबाव डाला।
बैंक ऑफ जापान (BOJ) द्वारा अपनी नीतिगत ब्याज दर बढ़ाने के बावजूद शुक्रवार को जापानी येन में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले तेज गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर-जापानी येन (USD/JPY) जोड़ी 0.7% बढ़कर 157.13 येन पर पहुंच गई, क्योंकि बाजार ने दर वृद्धि को पहले ही पचा लिया था और केंद्रीय बैंक का दृष्टिकोण उम्मीद से कम आक्रामक था।
बैंक ऑफ जापान का फैसला
बैंक ऑफ जापान ने अपनी नीतिगत दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर इसे 1.25% कर दिया, जो 1995 के बाद का उच्चतम स्तर है। हालांकि, यह कदम बाजारों के लिए कोई आश्चर्य की बात नहीं थी, क्योंकि Investing.com के अनुसार, ब्याज दर वायदा से पहले ही इस बढ़ोतरी की लगभग 99% संभावना का संकेत मिल रहा था।
यह फैसला सर्वसम्मत नहीं था। BOJ के दर-निर्धारक बोर्ड के दो सदस्यों ने दरें स्थिर रखने के पक्ष में मतदान किया। ये सदस्य प्रधानमंत्री सनाई ताकाइची द्वारा नियुक्त किए गए थे, जो टोक्यो सरकार और केंद्रीय बैंक के बीच मौद्रिक नीति को लेकर बढ़ते मतभेदों को उजागर करता है।
बाजार पर असर और नरम संकेत
Adदर वृद्धि के बावजूद येन में गिरावट का मुख्य कारण BOJ की भविष्य को लेकर की गई टिप्पणी थी। केंद्रीय बैंक ने संकेत दिया कि आगे और बढ़ोतरी पर विचार किया जाएगा, लेकिन आने वाले महीनों में वित्तीय स्थितियां "अनुकूल" बनी रहने की संभावना है।
बाजार के विश्लेषकों ने इस बयान को एक "नरम" (dovish) संकेत के रूप में देखा। इसका मतलब है कि निवेशक अब यह मान रहे हैं कि BOJ भविष्य में मौद्रिक नीति को और सख्त करने में जल्दबाजी नहीं करेगा। इसी वजह से, निवेशकों ने दर वृद्धि की खबर को नजरअंदाज कर दिया और केंद्रीय बैंक के कम आक्रामक रुख पर ध्यान केंद्रित किया, जिससे येन पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया।
नीतिगत मतभेद और पृष्ठभूमि
यह घटनाक्रम जापान सरकार और केंद्रीय बैंक के बीच एक व्यापक तनाव को भी दर्शाता है। ताकाइची की सरकार ने बड़े पैमाने पर एक विस्तारवादी राजकोषीय रुख प्रस्तुत किया है, जो BOJ के मौद्रिक स्थितियों को सख्त करने और मुद्रास्फीति के जोखिमों को सीमित करने के प्रयासों के विपरीत है। बोर्ड के भीतर विभाजित वोट इसी टकराव का प्रतीक है, जो भविष्य की मौद्रिक नीति की दिशा को लेकर अनिश्चितता पैदा कर सकता है।