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ईरान ने होरमुज़ जलडमरूमध्य को बंद किया, वैश्विक तेल बाज़ार में उथल-पुथल की आशंका

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की नौसेना ने रविवार तड़के होरमुज़ जलडमरूमध्य को अगले आदेश तक बंद कर दिया है। सरकारी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह कदम एक जहाज़ को चेतावनी फायरिंग के बाद उठाया गया, जिसने कथित तौर पर एक अनधिकृत मार्ग से गुजरने का प्रयास किया था।
प्रमुख घटनाक्रम
रॉयटर्स द्वारा रिपोर्ट की गई ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने इस महत्वपूर्ण शिपिंग लेन को तत्काल प्रभाव से बंद करने का फैसला किया। यह निर्णय एक अज्ञात पोत पर चेतावनी शॉट दागे जाने के बाद आया। IRGC का दावा है कि पोत एक अस्वीकृत मार्ग का उपयोग कर रहा था, जिससे समुद्री नेविगेशन के लिए खतरा पैदा हो रहा था।
बाज़ार पर संभावित प्रभाव
होरमुज़ जलडमरूमध्य का बंद होना वैश्विक ऊर्जा बाज़ार के लिए एक अत्यंत गंभीर घटना है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल चोकपॉइंट्स में से एक है, जहां से दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। इस कदम के निम्नलिखित प्रभाव हो सकते हैं:
Ad- तेल की कीमतों में उछाल: इस खबर से तेल की कीमतों में भारी उछाल आने की प्रबल आशंका है। विश्लेषकों का मानना है कि ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई (WTI) वायदा बाज़ार खुलते ही तेजी से बढ़ सकते हैं।
- आपूर्ति श्रृंखला में बाधा: जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला गंभीर रूप से बाधित होगी, जिससे दुनिया भर में ऊर्जा की लागत बढ़ जाएगी।
- बाज़ार में अस्थिरता: यह घटना वैश्विक इक्विटी बाज़ारों में भी अस्थिरता पैदा कर सकती है। निवेशक इस भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोने और अमेरिकी डॉलर जैसे सुरक्षित निवेश (safe-haven assets) की ओर रुख कर सकते हैं।
भू-राजनीतिक तनाव में वृद्धि
यह कदम खाड़ी क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव को एक नए और खतरनाक स्तर पर ले जाता है। जलडमरूमध्य का बंद होना एक बड़ी उकसावे वाली कार्रवाई मानी जाएगी, जिस पर अमेरिका और अन्य प्रमुख शक्तियों से तीखी प्रतिक्रिया आ सकती है। यह घटना वैश्विक शिपिंग और ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक सीधा खतरा है, और आने वाले दिनों में राजनयिक प्रतिक्रियाएं बाज़ार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।