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अमेरिकी हमलों पर रोक के बाद ईरान का सशर्त युद्धविराम का प्रस्ताव

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Jul 26, 20262 min read
अमेरिकी हमलों पर रोक के बाद ईरान का सशर्त युद्धविराम का प्रस्ताव

Summary

एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा है कि यदि अमेरिका हवाई हमलों पर अपनी रोक बनाए रखता है तो ईरान भी जवाबी हमले बंद कर देगा। इस घटनाक्रम से मध्य पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीद है, जिसका असर तेल की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

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Background

एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि यदि संयुक्त राज्य अमेरिका अपने हालिया हवाई हमलों पर लगी रोक को बनाए रखता है तो ईरान भी अपने हमले रोक देगा। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर दो सप्ताह से चल रहे बमबारी अभियान को अचानक रोके जाने के बाद आया है, जिससे क्षेत्र में बढ़ते तनाव में कमी आने के संकेत मिले हैं।

हमलों पर रोक और कूटनीतिक संकेत

पेंटागन ने 13 रातों तक चले अमेरिकी हवाई हमलों के अभियान को शुक्रवार देर रात अचानक निलंबित कर दिया। इसके जवाब में, ईरान ने भी उन पड़ोसी देशों पर अपने जवाबी हमले रोक दिए हैं जहाँ अमेरिकी ठिकाने हैं।

रॉयटर्स से बात करते हुए, नाम न छापने की शर्त पर एक वरिष्ठ ईरानी सूत्र ने कहा, "ईरान की स्थिति 'हमले के बदले हमला' बनी हुई है: अगर हमले रुकते हैं, तो ईरान भी अपनी कार्रवाई रोक देगा। यह संदेश पहले ही संयुक्त राज्य अमेरिका को दे दिया गया है।" वहीं, संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने फॉक्स न्यूज को बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कूटनीति के लिए और समय देने हेतु हमलों को रोकने का फैसला किया है।

अमेरिका के फैसले के पीछे की वजह

द न्यूयॉर्क टाइम्स और सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने कुछ सलाहकारों द्वारा चिंता जताए जाने के बाद हमलों को रोकने का फैसला किया। रिपोर्टों में पेंटागन के चीफ ऑफ स्टाफ डैन केन और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का हवाला दिया गया है, जिन्होंने इस क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किए जा रहे अमेरिकी मिसाइल रक्षा भंडार के कम होने पर चिंता व्यक्त की थी।

हालांकि, ईरानी सूत्र ने इस रोक के प्रति संदेह व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस ठहराव को वास्तविक के बजाय एक "सामरिक" कदम के रूप में देखा जा रहा है, और तेहरान को अमेरिका की मंशा पर पूरा भरोसा नहीं है।

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बाजार पर असर और बढ़ता तनाव

यह संघर्ष होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग पर ईरानी हमलों के जवाब में शुरू हुआ था, जो दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा शिपिंग मार्ग है। हाल के हफ्तों में तनाव काफी बढ़ गया था, जब यमन में ईरान के हूती सहयोगियों ने लाल सागर में सऊदी तेल पर नाकाबंदी की घोषणा की, जिससे ऊर्जा शिपिंग के लिए एक और प्रमुख मार्ग बंद होने का खतरा पैदा हो गया।

इस घटनाक्रम के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों में चिंता बढ़ गई थी।

  • हूती सहयोगियों द्वारा लाल सागर में सऊदी तेल ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद तनाव चरम पर पहुँच गया।
  • इस भू-राजनीतिक जोखिम के कारण बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत मई के बाद पहली बार $100 प्रति बैरल से ऊपर चली गई।

हमलों में मौजूदा ठहराव से तेल बाजारों को कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन निवेशक स्थिति की सावधानीपूर्वक निगरानी करना जारी रखेंगे, क्योंकि कोई भी नया टकराव कीमतों में फिर से अस्थिरता ला सकता है।

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