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इन्फोसिस ADR में गिरावट: राजस्व गाइडेंस में कटौती और नेतृत्व परिवर्तन का असर

Summary
भारत की प्रमुख आईटी कंपनी इन्फोसिस के अमेरिकी डिपॉजिटरी रिसीट्स (ADR) में प्री-मार्केट ट्रेडिंग में भारी गिरावट देखी गई। कंपनी द्वारा अपने पूरे साल के राजस्व वृद्धि के अनुमान को कम करने और एक नए सीईओ की नियुक्ति की घोषणा के बाद निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।
भारत की प्रमुख आईटी सेवा कंपनी इन्फोसिस के अमेरिकी डिपॉजिटरी रिसीट्स (ADR) में प्री-मार्केट ट्रेडिंग के दौरान 4.6% की तेज गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट कंपनी द्वारा अपने पूरे साल के राजस्व वृद्धि के अनुमान को कम करने और नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा के बाद आई है।
राजस्व अनुमान में कटौती और नेतृत्व परिवर्तन
इन्फोसिस ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने पूरे साल के राजस्व वृद्धि के अनुमान को संशोधित किया है। कंपनी ने स्थिर मुद्रा (constant currency) आधार पर राजस्व वृद्धि के अनुमान की ऊपरी सीमा को अप्रैल में निर्धारित 3.5% से घटाकर 3.0% कर दिया है।
हालांकि, कंपनी ने 20% से 22% के अपने ऑपरेटिंग मार्जिन गाइडेंस बैंड को बरकरार रखा है। इसी वित्तीय अपडेट के साथ, बोर्ड ने आशीष कुमार दाश को आज से प्रभावी मनोनीत सीईओ (CEO Designate) नियुक्त किया है, जो कारोबार के लिए एक नाजुक मोड़ पर नेतृत्व परिवर्तन का संकेत है।
बाजार पर असर और विश्लेषकों की चिंताएं
राजस्व अनुमान में यह कटौती, भले ही मामूली हो, निवेशकों को रास नहीं आई। निवेशक पहले से ही उम्मीद कर रहे थे कि कंपनी अपने पिछले अनुमानों को या तो बरकरार रखेगी या उन्हें बढ़ाएगी, खासकर जब स्टॉक अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर $10.34 के करीब कारोबार कर रहा था।
Adइस खबर के बाद, इन्फोसिस का ADR प्री-मार्केट में $10.43 पर कारोबार कर रहा था, जो इसके 52-सप्ताह के निचले स्तर से कुछ ही सेंट ऊपर है। वॉल स्ट्रीट के विश्लेषकों ने पहले ही चिंता व्यक्त की थी, जिसमें TD Cowen और Susquehanna जैसी फर्मों ने हाल के हफ्तों में अपने प्राइस टारगेट घटा दिए थे।
व्यापक उद्योग और बाजार का माहौल
यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब भारतीय आईटी सेवा क्षेत्र पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से पारंपरिक आउटसोर्सिंग मांग में व्यवधान और उद्यमों द्वारा विवेकाधीन खर्च में कमी जैसी संरचनात्मक चिंताएं शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, अमेरिकी शेयर बाजारों में भी कमजोरी का रुख था, जिसमें S&P 500 में 0.6% और नैस्डैक में 0.8% की गिरावट आई। इस व्यापक बाजार की कमजोरी ने इन्फोसिस के स्टॉक पर बिकवाली के दबाव को और बढ़ा दिया, जिससे निवेशकों के लिए निकट भविष्य में कंपनी की विकास संभावनाओं का पुनर्मूल्यांकन करना आवश्यक हो गया।