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RBI द्वारा दरें अपरिवर्तित रखने के बाद रुपया मजबूत, डॉलर 6-सप्ताह के निचले स्तर पर

अमेरिकी डॉलर के छह सप्ताह के निचले स्तर के करीब कारोबार करने से बुधवार को अधिकांश एशियाई मुद्राओं में तेजी आई। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने के फैसले के बाद भारतीय रुपये में भी मजबूती देखी गई, जो कि बाजार की उम्मीदों के अनुरूप था।
RBI का फैसला और रुपये की चाल
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से अपनी बेंचमार्क रेपो रेट को 5.25% पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया। केंद्रीय बैंक ने इस फैसले के लिए बढ़ती मुद्रास्फीति, वैश्विक अनिश्चितता और मजबूत घरेलू विकास का हवाला देते हुए अपने तटस्थ नीतिगत रुख को बनाए रखा।
इस घोषणा के बाद, भारतीय रुपये ने अपनी हालिया बढ़त को और बढ़ाया। USD/INR जोड़ी 0.3% गिरकर 95.06 रुपये पर आ गई। रुपये को कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट से भी अतिरिक्त समर्थन मिला, क्योंकि भारत अपनी तेल जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है।
डॉलर में नरमी और अन्य एशियाई मुद्राएं
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स लगभग 99.80 पर स्थिर रहा, जो लगभग छह सप्ताह का सबसे निचला स्तर है। मध्य पूर्व में तनाव कम होने और अमेरिका-ईरान के बीच कूटनीतिक प्रयासों की उम्मीदों के कारण डॉलर पर दबाव बना है।
Adडॉलर की इस कमजोरी का फायदा अन्य क्षेत्रीय मुद्राओं को भी मिला:
- जापानी येन (JPY): पिछले सप्ताह जापान और अमेरिका द्वारा समन्वित हस्तक्षेप के बाद येन मजबूत बना हुआ है। USD/JPY जोड़ी 0.2% गिरकर 157.5 पर आ गई।
- अन्य मुद्राएं: दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.4% और सिंगापुर डॉलर में 0.1% की गिरावट आई। वहीं, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में 0.1% की बढ़त दर्ज की गई।
बाजार की अगली दिशा
अब निवेशकों का ध्यान इस सप्ताह के अंत में जारी होने वाले अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल के आंकड़ों पर केंद्रित है। श्रम बाजार के ये आंकड़े अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अगले ब्याज दर निर्णय के लिए महत्वपूर्ण संकेत दे सकते हैं, जिससे डॉलर और वैश्विक मुद्रा बाजारों की दिशा प्रभावित होगी।