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IBM अर्निंग्स कॉल: नतीजों से ज्यादा मैनेजमेंट के गाइडेंस और साख पर निवेशकों की नजर

IBM के दूसरी तिमाही के नतीजे बाजार के लिए अब पुरानी खबर हैं, क्योंकि कंपनी ने 13 जुलाई को ही आंकड़ों की पूर्व-घोषणा कर दी थी, जिसके बाद इसके शेयर में लगभग 25% की भारी गिरावट आई। अब निवेशकों और विश्लेषकों का पूरा ध्यान कंपनी की अर्निंग्स कॉल पर है, जहां फोकस तिमाही नतीजों के बजाय भविष्य के लिए जारी होने वाले गाइडेंस और प्रबंधन की विश्वसनीयता पर होगा।
क्या हुआ?
IBM ने अपनी निर्धारित अर्निंग्स कॉल से नौ दिन पहले ही दूसरी तिमाही के निराशाजनक आंकड़े जारी कर दिए थे।
- राजस्व (Revenue): $17.2 अरब रहा, जो $17.86 अरब के अनुमान से $660 मिलियन कम था।
- प्रति शेयर आय (EPS): $2.93 रही, जबकि अनुमान $3.01 का था।
- शेयर में गिरावट: इस घोषणा के बाद से स्टॉक में लगभग 25% की गिरावट आ चुकी है।
CEO अरविंद कृष्णा के अनुसार, इस कमी का मुख्य कारण ग्राहकों द्वारा जून के अंत में अचानक अपना पूंजीगत व्यय (capex) सर्वर, स्टोरेज और मेमोरी की ओर मोड़ना था ताकि आपूर्ति बाधाओं से बचा जा सके। कंपनी इसे एक अस्थायी "टाइमिंग डिसलोकेशन" मान रही है, न कि कारोबार में कोई ढांचागत कमजोरी। इस दौरान, इंफ्रास्ट्रक्चर राजस्व में 7% की गिरावट आई, जबकि सॉफ्टवेयर में 5% और रेड हैट में 11% की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।
गाइडेंस और मैनेजमेंट पर फोकस
Adचूंकि तिमाही आंकड़े पहले से ही ज्ञात हैं, इसलिए 22 जुलाई की कॉन्फ्रेंस कॉल का एकमात्र उद्देश्य बाजार को यह विश्वास दिलाना है कि यह केवल एक तिमाही की समस्या थी। निवेशक कुछ प्रमुख बातों पर ध्यान देंगे:
- पूरे साल का राजस्व गाइडेंस: विश्लेषकों का आम अनुमान $70.71 अरब है। इसमें किसी भी तरह की कटौती शेयर के लिए सबसे बड़ा खतरा होगी।
- फ्री कैश फ्लो (FCF) आउटलुक: क्या कंपनी पूरे साल के लिए अपने FCF लक्ष्य को बनाए रखने का भरोसा दिला पाएगी।
- मेनफ्रेम कारोबार पर टिप्पणी: क्या Z-साइकिल में केवल देरी हुई है या यह समाप्त हो गई है, क्योंकि ट्रांजैक्शन प्रोसेसिंग में कमजोरी एक मुख्य कारण थी।
विश्लेषकों का नजरिया और आगे की राह
इस पूर्व-घोषणा के बाद कई विश्लेषकों ने अपने अनुमान और प्राइस टारगेट घटा दिए हैं। उदाहरण के लिए, Stifel ने अपना प्राइस टारगेट $290 से घटाकर $235 कर दिया है, जो बढ़ी हुई अनिश्चितता को दर्शाता है।
बाजार में अब दो तरह के तर्क हैं। तेजी का पक्ष मानने वालों का कहना है कि यह एक बार की घटना थी, रेड हैट का प्रदर्शन मजबूत है, और शेयर की मौजूदा कीमत में सारी बुरी खबरें पहले ही शामिल हो चुकी हैं। वहीं, मंदी का पक्ष रखने वालों का मानना है कि यह समस्या गहरी हो सकती है, कंसल्टिंग कारोबार सपाट है और अगर तीसरी तिमाही का गाइडेंस कमजोर आता है तो गिरावट और बढ़ सकती है। चूंकि शेयर पहले ही काफी गिर चुका है, अगर प्रबंधन एक विश्वसनीय कहानी पेश करता है और गाइडेंस को बनाए रखता है, तो एक "राहत रैली" की उम्मीद की जा सकती है। हालांकि, गाइडेंस में कटौती से शेयर पर और दबाव बढ़ेगा।