Story
हूथियों का सऊदी अरामको की जाज़ान रिफाइनरी पर हमले का दावा, आग पर काबू पाया गया

Summary
यमन के ईरान-समर्थित हूथी विद्रोहियों ने सऊदी अरामको की जाज़ान रिफाइनरी पर ड्रोन हमले की जिम्मेदारी ली है। सऊदी अधिकारियों ने आग लगने की पुष्टि की है, जिसे बुझा दिया गया है, लेकिन उन्होंने घटना के कारण का उल्लेख नहीं किया है।
यमन के ईरान-समर्थित हूथियों ने रविवार को सऊदी अरामको की जाज़ान रिफाइनरी पर हमला करने का दावा किया है। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने रिफाइनरी में आग लगने की पुष्टि की और कहा कि इसे बुझा दिया गया है, हालांकि आग लगने के कारण का खुलासा नहीं किया गया।
हमले का विवरण
हूथी के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि रिफाइनरी को एक ड्रोन से निशाना बनाया गया था। दूसरी ओर, सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के बयान में कहा गया कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है और संबंधित अधिकारी घटना से निपटने के लिए प्रक्रियाओं को पूरा कर रहे हैं।
यह रिफाइनरी दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब में स्थित है और इसकी प्रसंस्करण क्षमता 400,000 बैरल प्रति दिन है। यह गैसोलीन और अल्ट्रा-लाइट सल्फर डीजल का भी उत्पादन करती है।
क्षेत्रीय तनाव और पृष्ठभूमि
Adयह कथित हमला सऊदी अरब द्वारा तुर्की और पाकिस्तान के साथ एक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर करने के दो दिन बाद हुआ है। यह समझौता किसी भी आक्रामकता के खिलाफ सामूहिक प्रतिरोध को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है।
अरामको के मुख्य कार्यकारी अमीन नासर ने पिछले हफ्ते कहा था कि कंपनी की सुविधाओं पर हाल के हमलों से उत्पादन में कुछ रुकावटें आई हैं, लेकिन उन्हें विश्वास है कि परिचालन जल्दी से बहाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इन हमलों का कोई भौतिक परिचालन या वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ा। यह क्षेत्र में ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर बढ़ते जोखिमों को रेखांकित करता है, जिसका वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर प्रभाव पड़ सकता है।
पिछली घटनाएं
यह पहली बार नहीं है जब जाज़ान रिफाइनरी को निशाना बनाया गया है। रॉयटर्स द्वारा देखी गई कंसल्टेंसी IIR के एक नोट के अनुसार, 27 जुलाई को भी हूथी लड़ाकों के एक हमले के बाद अरामको ने इस रिफाइनरी को बंद कर दिया था। उस हमले में प्लांट के इंटीग्रेटेड गैसीफिकेशन कंबाइंड साइकिल (IGCC) कॉम्प्लेक्स और टैंक फार्म क्षेत्र को नुकसान पहुंचा था।