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हनीवेल एयरोस्पेस को इंडिगो से 810 विमानों के लिए बड़ा एवियोनिक्स सौदा मिला

Summary
हनीवेल एयरोस्पेस ने भारतीय एयरलाइन इंडिगो के 810 एयरबस A320neo विमानों के लिए एवियोनिक्स और पावर सिस्टम की आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण अनुबंध हासिल किया है। इसके अलावा, एयरोमेक्सिको भी अपने बोइंग बेड़े के लिए हनीवेल की रनवे सुरक्षा तकनीक तैनात करेगी।
हनीवेल एयरोस्पेस ने सोमवार को दो महत्वपूर्ण सौदों की घोषणा की, जिसमें भारतीय एयरलाइन इंडिगो के साथ एक बड़ा एवियोनिक्स अनुबंध और एयरोमेक्सिको के साथ रनवे सुरक्षा तकनीक की तैनाती शामिल है। इन सौदों से एयरोस्पेस प्रौद्योगिकी बाजार में हनीवेल की स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है, हालांकि कंपनी ने दोनों समझौतों की वित्तीय शर्तों का खुलासा नहीं किया है।
इंडिगो के साथ बड़ा सौदा
हनीवेल ने बताया कि भारत की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो ने अपने 810 एयरबस A320neo-फैमिली विमानों के बेड़े के लिए उसके एवियोनिक्स और पावर सिस्टम का चयन किया है। यह सौदा 2015 से चली आ रही दोनों कंपनियों की साझेदारी को और आगे बढ़ाता है।
इस समझौते के तहत हनीवेल निम्नलिखित उपकरणों की आपूर्ति करेगा:
- सहायक बिजली इकाइयां (Auxiliary Power Units)
- मौसम रडार (Weather Radar)
- ट्रैफिक कोलिजन अवॉइडेंस सिस्टम (Traffic Collision Avoidance Systems)
- फ्लाइट मैनेजमेंट सिस्टम (Flight Management Systems)
- आफ्टरमार्केट सपोर्ट
इंडिगो वर्तमान में 400 से अधिक विमानों का संचालन करती है और यह नया सौदा उसके भविष्य के विस्तार की योजनाओं को दर्शाता है।
Adएयरोमेक्सिको अपनाएगी रनवे सुरक्षा तकनीक
एक अलग घोषणा में, हनीवेल ने कहा कि एयरोमेक्सिको अपने 100 से अधिक बोइंग 737 NG और 737 MAX जेट विमानों में कंपनी की उन्नत रनवे सुरक्षा तकनीक 'सरफेस अलर्ट्स' (SURF-A) को तैनात करने की योजना बना रही है। यह तकनीक पायलटों को रनवे पर किसी अन्य विमान से टकराव के संभावित खतरे के बारे में वास्तविक समय में ऑडियो और विजुअल अलर्ट प्रदान करती है।
SURF-A सिस्टम ट्रैफिक खतरों की पहचान करने के लिए GPS डेटा, ऑटोमैटिक डिपेंडेंट सर्विलांस-ब्रॉडकास्ट (ADS-B) उपकरण और सॉफ्टवेयर एनालिटिक्स का उपयोग करता है, जिससे हवाई अड्डों पर सुरक्षा में सुधार होता है।
प्रमाणन और बाजार के लिए निहितार्थ
हनीवेल को उम्मीद है कि अमेरिकी संघीय उड्डयन प्रशासन (FAA) द्वारा कई बोइंग विमानों पर SURF-A तकनीक का प्रमाणन 2026 की चौथी तिमाही में शुरू होगा और 2027 तक जारी रहेगा। इन सौदों से हनीवेल की ऑर्डर बुक को मजबूती मिलेगी और यह वैश्विक विमानन उद्योग में सुरक्षा और दक्षता प्रौद्योगिकियों की बढ़ती मांग को रेखांकित करता है। निवेशकों के लिए, यह हनीवेल के एयरोस्पेस डिवीजन के लिए एक सकारात्मक विकास है, जो इसके दीर्घकालिक राजस्व प्रवाह को दर्शाता है।