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मजबूत अमेरिकी महंगाई आंकड़ों के बाद सोने में गिरावट, फेडरल रिजर्व द्वारा दर वृद्धि की आशंका बढ़ी

Summary
अमेरिकी उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) के उम्मीद से बेहतर आंकड़ों के बाद सोने की कीमतों में भारी गिरावट आई, जिससे फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
अमेरिकी उत्पादक मूल्य के उम्मीद से बेहतर आंकड़ों के बाद सोने की कीमतों में भारी गिरावट आई, जिसके बाद शुक्रवार को इसमें कुछ स्थिरता देखी गई। इन आंकड़ों ने अगले सप्ताह फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंकाओं को और मजबूत कर दिया है, जिससे कीमती धातु पर दबाव बना हुआ है।
महंगाई के आंकड़ों का असर
गुरुवार को सोने की कीमतों में 1.8% की तेज गिरावट दर्ज की गई, जो हाल के हफ्तों में सबसे बड़ी दैनिक गिरावट थी। यह गिरावट अमेरिकी उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) के आंकड़ों के बाद आई, जिसमें अगस्त में 0.4% की वृद्धि देखी गई, जो मई के बाद सबसे मजबूत वृद्धि है।
बढ़ती ऊर्जा लागत, विशेष रूप से ब्रेंट क्रूड का $108 प्रति बैरल के करीब पहुंचना, व्यापक मुद्रास्फीति में योगदान दे रहा है। यह फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक से कुछ ही दिन पहले चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि इससे केंद्रीय बैंक को दरों को प्रतिबंधात्मक बनाए रखने के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है।
फेडरल रिजर्व की बैठक पर नजरें
नवीनतम आंकड़ों के बाद, बाजार अब इस महीने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की लगभग 70% संभावना मानकर चल रहा है। उच्च ब्याज दरें आमतौर पर डॉलर और ट्रेजरी यील्ड्स को बढ़ाती हैं, जिससे सोना, जो कोई यील्ड नहीं देता है, निवेशकों के लिए कम आकर्षक हो जाता है।
शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में, स्पॉट गोल्ड (XAU/USD) 0.1% बढ़कर $4,322.69 प्रति औंस पर था, जबकि गोल्ड फ्यूचर्स 1% गिरकर $4,362.87 पर कारोबार कर रहा था। मजबूत डॉलर और बढ़ती ट्रेजरी यील्ड्स ने सोने पर अतिरिक्त दबाव डाला है।
AdETF में मजबूत निवेश मांग
निकट अवधि के दबाव के बावजूद, सोने में निवेश की मांग मजबूत बनी हुई है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council) के अनुसार, वैश्विक गोल्ड ईटीएफ (ETFs) में अगस्त में $18 बिलियन का निवेश आया, जो रिकॉर्ड पर दूसरा सबसे बड़ा मासिक अंतर्वाह है।
रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु:
- ईटीएफ होल्डिंग्स 121 टन बढ़कर 4,189 टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं।
- प्रबंधन के तहत संपत्ति (AUM) 16% बढ़कर $615 बिलियन हो गई।
यह मजबूत मांग दर्शाती है कि निवेशक लंबी अवधि के लिए सोने को एक सुरक्षित संपत्ति के रूप में देख रहे हैं, भले ही अल्पावधि में ब्याज दरों में वृद्धि का खतरा बना हुआ हो।