Story
अमेरिकी-ईरानी संघर्ष से सोने में सुरक्षित-निवेश मांग बढ़ी, कीमतें निचले स्तर से उबरीं

Summary
मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने सोने को एक सुरक्षित संपत्ति के रूप में समर्थन दिया, जिससे कीमतें दिन के निचले स्तर से उबर गईं। हालांकि, तेल की बढ़ती कीमतों से मुद्रास्फीति की चिंता और फेडरल रिजर्व के सख्त रुख की आशंकाएं बढ़त को सीमित कर रही हैं।
मध्य-पूर्व में संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण सोमवार को सोने की कीमतों में दिन के निचले स्तर से सुधार देखा गया। भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने सुरक्षित-निवेश (safe-haven) के रूप में सोने की मांग को बढ़ावा दिया, हालांकि तेल की कीमतों में उछाल से मुद्रास्फीति संबंधी चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
मध्य-पूर्व में बढ़ता तनाव
सप्ताहांत में अमेरिका द्वारा ईरानी ठिकानों पर नए हमले किए जाने के बाद मध्य-पूर्व में संघर्ष तेज हो गया है। यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले के बाद हुई। इस तनाव के कारण, तेल की कीमतों में 3% से अधिक की तेजी आई, क्योंकि व्यापारियों ने आपूर्ति में व्यवधान के जोखिम को ध्यान में रखना शुरू कर दिया है।
इस भू-राजनीतिक अस्थिरता ने निवेशकों को सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों की ओर आकर्षित किया, जिससे कीमतों को निचले स्तर पर समर्थन मिला। सुबह के कारोबार में, स्पॉट गोल्ड (XAU/USD) 1.54% गिरकर $4,057.76 प्रति औंस पर था, जबकि गोल्ड फ्यूचर्स 1.17% फिसलकर $4,065.45 प्रति औंस पर आ गया था।
मुद्रास्फीति का दबाव और फेड का नजरिया
तेल की कीमतों में निरंतर वृद्धि ने एक नए मुद्रास्फीति के झटके की आशंकाओं को फिर से हवा दी है। इससे यह उम्मीदें मजबूत हुई हैं कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व मुद्रास्फीति से निपटने के लिए ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है। फेड की जून की बैठक के मिनट्स से पहले ही पता चला था कि कई नीति निर्माता दरें बढ़ाने के पक्ष में थे।
Adउच्च ब्याज दरें सोने जैसी बिना-ब्याज वाली संपत्ति (non-yielding bullion) रखने की अवसर लागत को बढ़ा देती हैं, जिससे इसका आकर्षण कम हो जाता है। सोमवार को अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में 0.3% की बढ़त ने भी डॉलर-मूल्य वाले सोने पर अतिरिक्त दबाव डाला।
आगे की राह: प्रमुख आंकड़े और बाजार का नजरिया
अब निवेशकों का ध्यान मंगलवार को आने वाले अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श की कांग्रेस में होने वाली गवाही पर है। इन घटनाओं से ब्याज दरों के भविष्य के रास्ते पर और अधिक स्पष्टता मिलेगी।
आईजी (IG) के बाजार विश्लेषक टोनी सायकामोर के अनुसार, सोना भू-राजनीतिक घटनाओं और अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील बना हुआ है। उन्होंने कहा कि सोने को $4,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के पास समर्थन मिला है, और $4,200-$4,220 से ऊपर की एक स्थायी बढ़त एक बड़ी रिकवरी का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। हालांकि, एक मजबूत सीपीआई रिपोर्ट फेड द्वारा एक और दर वृद्धि की उम्मीदों को मजबूत कर सकती है, जिससे सोने पर दबाव बढ़ेगा।