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अमेरिकी खुदरा बिक्री में अप्रत्याशित गिरावट के बाद सोने की कीमतों में उछाल

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Aug 16, 20262 min read
अमेरिकी खुदरा बिक्री में अप्रत्याशित गिरावट के बाद सोने की कीमतों में उछाल

Summary

अमेरिका में जुलाई के खुदरा बिक्री के आंकड़ों में अप्रत्याशित गिरावट के बाद शुक्रवार को सोने की कीमतों में तेजी आई, जिससे यह उम्मीदें बढ़ गई हैं कि फेडरल रिजर्व अगली बैठक में ब्याज दरें नहीं बढ़ाएगा।

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Background

अमेरिका में जुलाई के खुदरा बिक्री के कमजोर आंकड़ों के बाद शुक्रवार को सोने की कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई। इन आंकड़ों ने इस संभावना को और मजबूत कर दिया है कि फेडरल रिजर्व अगले महीने अपनी मौद्रिक नीति को सख्त करने से परहेज कर सकता है।

आंकड़ों का विश्लेषण

Investing.com के अनुसार, शुक्रवार को अमेरिकी समयानुसार सुबह 9:47 बजे, हाजिर सोना 0.9% बढ़कर $4,389.44 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि सोना वायदा 0.6% चढ़कर $4,447.97 प्रति औंस पर पहुंच गया। इन आंकड़ों के साथ, हाजिर सोना लगातार दूसरे सप्ताह बढ़त दर्ज करने की राह पर है।

यह तेजी नरम अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों के एक दिन बाद आई है, जिसने पहले भी सोने को बढ़ावा दिया था, हालांकि बाद में व्यापारियों द्वारा मुनाफावसूली के कारण इसमें कुछ गिरावट आई थी। मुद्रा बाजार के मूल्य निर्धारण से पता चलता है कि फेडरल रिजर्व द्वारा सितंबर में ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने की संभावना अब दो-तिहाई से अधिक है।

बाजार का नजरिया और फेडरल रिजर्व

कमजोर खुदरा बिक्री के आंकड़े, श्रम बाजार में नरमी के संकेतों और इस सप्ताह जारी हुए नरम मुद्रास्फीति के आंकड़ों के साथ मिलकर, फेडरल रिजर्व के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी को रोकने के पक्ष में एक मजबूत तर्क प्रस्तुत करते हैं। कम ब्याज दरें सोने जैसी बिना-ब्याज वाली संपत्तियों को रखने की अवसर लागत को कम कर देती हैं, जिससे निवेशकों के लिए इसका आकर्षण बढ़ जाता है।

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निवेशक अब फेड की अगली बैठक से पहले रोजगार के अतिरिक्त आंकड़ों पर नजर रखेंगे। इसके अलावा, इस महीने के अंत में जैक्सन होल संगोष्ठी में फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वार्श के भाषण पर भी बाजार की पैनी नजर होगी।

भू-राजनीतिक जोखिम और विश्लेषकों की राय

ANZ बैंक के विश्लेषकों ने आगाह किया है कि हालिया तेजी के बाद सोने में मुनाफावसूली के संकेत दिख रहे हैं, खासकर जब कीमत 100-दिवसीय मूविंग एवरेज के महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर को पार कर गई थी।

इसके अतिरिक्त, मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव एक महत्वपूर्ण कारक बना हुआ है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता ऊर्जा की कीमतों को प्रभावित कर सकती है। यदि तनाव बढ़ता है, तो तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे मुद्रास्फीति की चिंताएं फिर से बढ़ सकती हैं और फेडरल रिजर्व पर मौद्रिक नीति को सख्त करने का दबाव बन सकता है।

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