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कमजोर डॉलर से सोने में तेजी, निवेशकों की नजर ब्याज दरों और मध्य पूर्व के तनाव पर

Summary
कमजोर अमेरिकी डॉलर के सहारे सोने की कीमतें चढ़ गईं, जबकि निवेशक अमेरिकी ब्याज दरों के भविष्य और मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।
कमजोर अमेरिकी डॉलर से समर्थन पाकर बुधवार को सोने की कीमतें $4,440 प्रति औंस के स्तर से ऊपर चढ़ गईं। निवेशक अमेरिकी ब्याज दरों की भविष्य की दिशा और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच सतर्कता बरत रहे हैं।
प्रमुख मूल्य गतिविधियां
बुधवार को बाजार में सोने की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जो मुख्य रूप से डॉलर की कमजोरी से प्रेरित थी।
- हाजिर सोना (Spot Gold) 1.4% बढ़कर $4,416.92 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।
- सोना वायदा (Gold Futures) 0.5% की मामूली बढ़त के साथ $4,461.90 प्रति औंस पर था।
डॉलर इंडेक्स, जो प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर के प्रदर्शन को मापता है, 98.77 पर लगभग स्थिर रहा। रॉयटर्स के अनुसार, विश्लेषकों का मानना है कि पिछले सप्ताह येन की मजबूती डॉलर की सापेक्षिक कमजोरी का एक प्रमुख कारण रही है। कमजोर डॉलर आमतौर पर सोने के लिए सकारात्मक होता है क्योंकि यह विदेशी खरीदारों के लिए डॉलर-मूल्यवान धातु को अधिक आकर्षक बनाता है।
बाजार को प्रभावित करने वाले कारक
सोने का बाजार वर्तमान में दो प्रमुख विपरीत शक्तियों से प्रभावित हो रहा है: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और बढ़ता भू-राजनीतिक जोखिम।
ब्याज दर की संभावनाएं
Adबाजार वर्तमान में अगले सप्ताह फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की लगभग 60% संभावना का अनुमान लगा रहा है, जो एक सप्ताह पहले के 40% से अधिक है। फेड अधिकारियों ने पहले ही संकेत दिया है कि मुद्रास्फीति का दबाव उनकी प्राथमिकता है। ऊंची ब्याज दरें सोने जैसी गैर-लाभकारी संपत्ति रखने की अवसर लागत को बढ़ा देती हैं, जिससे इसकी मांग कम हो सकती है।
भू-राजनीतिक तनाव
दूसरी ओर, मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच नए सिरे से संघर्ष ने वैश्विक वित्तीय बाजारों को अस्थिर कर दिया है। इस तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड वायदा फिर से $100 प्रति बैरल को पार कर गया है, जिससे ऊर्जा-चालित मुद्रास्फीति की चिंताएं बढ़ गई हैं। इस तरह की अनिश्चितता सोने की सुरक्षित-पनाहगाह (safe-haven) के रूप में अपील को बढ़ाती है।
विशेषज्ञ का विश्लेषण
द गोल्ड बुलियन कंपनी (The Gold Bullion Company) के प्रबंध निदेशक रिक कांडा (Rick Kanda) ने कहा, "अमेरिकी ब्याज दरों की उम्मीदों में बदलाव के कारण हाल ही में सोने पर दबाव काफी बढ़ गया है।"
उन्होंने उल्लेख किया कि अगस्त में सोने में लगभग 10% की वृद्धि के बाद, कुछ निवेशक मुनाफावसूली कर सकते हैं, खासकर जब आर्थिक आंकड़े दर वृद्धि का समर्थन करते हैं। कांडा का मानना है कि सोना अगस्त के अंत में बने $4,685 प्रति औंस के उच्च स्तर को फिर से छू सकता है, लेकिन "रास्ते में काफी अस्थिरता" की उम्मीद है। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर दर वृद्धि की उम्मीदें और मजबूत होती हैं, तो निवेशकों को सोने की कीमतों के $4,000 के निचले स्तर तक गिरने के लिए भी तैयार रहना चाहिए।