Story
बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बढ़ती पाबंदी: ऑस्ट्रेलिया से यूरोप तक, सरकारें उठा रहीं कड़े कदम

Summary
दुनिया भर के देश बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच नाबालिगों के लिए प्लेटफॉर्म के उपयोग को सीमित करने के लिए कानून बना रहे हैं। यह कदम मेटा और अल्फाबेट जैसी तकनीकी कंपनियों के लिए एक बड़ी नियामक चुनौती पेश कर रहा है।
बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, दुनिया भर की सरकारें नाबालिगों द्वारा इसके उपयोग को नियंत्रित करने के लिए तेजी से कदम उठा रही हैं। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, कई देशों ने या तो कानून पारित कर दिए हैं या टिकटॉक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म तक बच्चों की पहुंच को प्रतिबंधित करने के लिए विधेयक प्रस्तावित किए हैं।
वैश्विक रुझान और कारण
यह नियामक लहर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, ऑनलाइन बदमाशी (bullying) और हानिकारक सामग्री के संपर्क में आने से जुड़ी चिंताओं से प्रेरित है। ऑस्ट्रेलिया ने 2025 में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने वाला पहला देश बनकर एक मिसाल कायम की। तब से, कई अन्य देशों ने भी इसी तरह के उपायों पर विचार किया है, जिसमें हाल ही में यूरोपीय आयोग ने 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए प्रतिबंध का प्रस्ताव दिया है।
इन नियमों का उद्देश्य सोशल मीडिया कंपनियों को उम्र सत्यापन के लिए मजबूत सिस्टम बनाने और नाबालिगों को व्यसनी (addictive) सुविधाओं से बचाने के लिए मजबूर करना है।
कानून लागू करने वाले प्रमुख देश
कई देशों ने पहले ही बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। इन नियमों का पालन न करने पर कंपनियों को भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
Ad- ऑस्ट्रेलिया: दिसंबर 2025 से 16 साल से कम उम्र के बच्चों को ब्लॉक करने का कानून लागू। अनुपालन न करने पर A$49.5 मिलियन (लगभग $35.2 मिलियन) तक का जुर्माना हो सकता है।
- भारत: कर्नाटक राज्य ने मार्च में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों द्वारा सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया।
- कनाडा: जून में एक डिजिटल सुरक्षा विधेयक पेश किया गया जो 16 वर्ष से कम उम्र वालों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाएगा।
- संयुक्त अरब अमीरात (UAE): 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को व्यक्तिगत सोशल मीडिया अकाउंट बनाने या उपयोग करने से प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव जून में स्वीकृत हुआ।
प्रस्तावित नियम और तकनीकी कंपनियों पर प्रभाव
कई अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं भी इसी तरह के कानून पर विचार कर रही हैं, जो तकनीकी क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण नियामक चुनौती का संकेत है। इन प्रस्तावित कानूनों में अक्सर कंपनियों के वैश्विक राजस्व के प्रतिशत के रूप में भारी जुर्माने का प्रावधान होता है।
- यूरोपीय संघ: यूरोपीय आयोग ने 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों पर प्रतिबंध का प्रस्ताव दिया है। गैर-अनुपालन के लिए कंपनियों पर उनके वैश्विक वार्षिक कारोबार का 6% तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
- यूनाइटेड किंगडम: 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध को मंजूरी देने की योजना है, जो 2027 के वसंत तक लागू हो सकता है।
- न्यूजीलैंड: 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों द्वारा सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध का प्रस्ताव है, जिसमें अनुपालन न करने पर प्लेटफॉर्म के वैश्विक राजस्व का 10% तक का जुर्माना शामिल है।
निवेशकों के लिए, यह बढ़ती नियामक निगरानी मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम) और अल्फाबेट (यूट्यूब) जैसी कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम प्रस्तुत करती है। इन कंपनियों को उम्र सत्यापन प्रौद्योगिकियों में भारी निवेश करने और अपने प्लेटफॉर्म के डिजाइन को बदलने की आवश्यकता हो सकती है, जो संभावित रूप से उपयोगकर्ता वृद्धि और जुड़ाव मेट्रिक्स को प्रभावित कर सकता है।