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ऊर्जा कीमतों में उछाल और ब्याज दरों की चिंता से बॉन्ड यील्ड में भारी बढ़ोतरी

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Sep 2, 20262 min read
ऊर्जा कीमतों में उछाल और ब्याज दरों की चिंता से बॉन्ड यील्ड में भारी बढ़ोतरी
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ईरान युद्ध में नए हमलों के कारण ऊर्जा की कीमतों में तेजी और इस महीने प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका के बीच वैश्विक बॉन्ड बाजारों में बिकवाली की एक नई लहर देखी जा रही है। इस बिकवाली ने सरकारी बॉन्ड की यील्ड (प्रतिफल) को बढ़ा दिया है, जिसका असर दुनिया भर के शेयर बाजारों पर भी पड़ रहा है।

बॉन्ड बाजार में बिकवाली का कारण

बुधवार को कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की वैश्विक कीमतों में बढ़ोतरी के साथ, अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 2023 के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। रॉयटर्स के अनुसार, यह यील्ड 4.8% पर है और 5% के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब पहुंच रही है, जिसे इक्विटी बाजारों के लिए एक बड़ी चुनौती माना जाता है।

ऊर्जा की कीमतों में हालिया उछाल सीधे तौर पर ईरान संघर्ष में बढ़े तनाव से जुड़ा है। यूरोप की आयातित प्राकृतिक गैस पर निर्भरता के कारण, बेंचमार्क कीमतों का 2023 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंचना एक बड़ी चिंता का विषय है, खासकर जब सर्दियों का मौसम करीब आ रहा है।

केंद्रीय बैंकों का आक्रामक रुख

बाजार में यह बेचैनी इसलिए भी है क्योंकि निवेशक इस महीने फेडरल रिजर्व, यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) और बैंक ऑफ जापान से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं।

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  • फेडरल रिजर्व के बोर्ड सदस्य माइकल बर ने मंगलवार को संकेत दिया कि सितंबर में दर वृद्धि आवश्यक हो सकती है।
  • न्यूजीलैंड के रिजर्व बैंक ने इस महीने दरें बढ़ाने वाला पहला केंद्रीय बैंक बनते हुए बुधवार को लगातार दूसरी बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी की।

यह आक्रामक मौद्रिक नीति का रुझान मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के प्रयासों को दर्शाता है, भले ही इससे आर्थिक विकास की गति धीमी होने का खतरा हो।

बाजार पर असर और आगे की राह

बढ़ती बॉन्ड यील्ड इक्विटी बाजारों के लिए एक नकारात्मक संकेत है क्योंकि यह कंपनियों के लिए उधार लेने की लागत को बढ़ाती है और निवेशकों के लिए सरकारी बॉन्ड को एक सुरक्षित और अधिक आकर्षक विकल्प बनाती है।

आगे देखते हुए, निवेशकों की नजर इस सप्ताह आने वाले अमेरिकी श्रम बाजार के आंकड़ों और फेड की 'बेज बुक' रिपोर्ट पर होगी। इसके अलावा, ब्रॉडकॉम जैसी कंपनियों के कॉर्पोरेट नतीजे भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होंगे, खासकर जब डेल और पालो ऑल्टो नेटवर्क्स जैसी टेक कंपनियों ने अनुमानों को मात देने वाले परिणाम दिए हैं, जो AI बूम के जारी रहने का संकेत है।

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