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जर्मन कंपनियों ने 'मेड फॉर जर्मनी' पहल के तहत €800 बिलियन के निवेश का वादा किया

जर्मनी की एक कॉर्पोरेट पहल 'मेड फॉर जर्मनी' ने घोषणा की है कि उसकी 139 सदस्य कंपनियाँ 2028 तक देश में €800 बिलियन से अधिक का निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह कदम यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में निवेशक विश्वास को पुनर्जीवित करने के एक बड़े प्रयास का हिस्सा है।
निवेश की विस्तृत जानकारी
फ्रैंकफर्ट में मंगलवार को जारी बयान के अनुसार, इस पहल में सीमेंस (Siemens) और डॉयचे बैंक (Deutsche Bank) जैसी प्रमुख कंपनियाँ शामिल हैं। यह निवेश परियोजना मूल रूप से जुलाई 2025 में 61 कंपनियों के साथ शुरू की गई थी, जिन्होंने उस समय €631 बिलियन के निवेश का वादा किया था।
हालांकि, रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह स्पष्ट नहीं है कि इस घोषित €800 बिलियन की राशि का कितना हिस्सा पहले से नियोजित निवेश था और कितनी नई प्रतिबद्धताएँ हैं। इस पहल का मुख्य लक्ष्य जर्मनी को एक आकर्षक निवेश स्थल के रूप में प्रस्तुत करना है।
कॉर्पोरेट जगत की मांगें और चिंताएँ
इस घोषणा के साथ ही, शीर्ष कॉर्पोरेट अधिकारियों ने सरकार से आर्थिक सुधारों में तेजी लाने का भी आग्रह किया। डॉयचे बैंक के सीईओ क्रिश्चियन सेविंग ने पत्रकारों से कहा, "हमें और अधिक गति चाहिए। हमें और अधिक साहस चाहिए। और हमें यह स्थायी आधार पर चाहिए।"
Adसेविंग ने पूर्वी जर्मन राज्यों में आगामी चुनावों पर भी चिंता व्यक्त की, जहाँ धुर-दक्षिणपंथी AfD पार्टी सर्वेक्षणों में आगे चल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि "अगर हमारे यहां ऐसा चुनाव होता है जिसमें, तथाकथित रूप से, चरमपंथी पार्टियां सत्ता में आती हैं, तो यह निवेशकों के लिए बिल्कुल नकारात्मक होगा।"
आर्थिक सुधारों पर जोर
इसी ब्रीफिंग में, सीमेंस के सीईओ रोलैंड बुश ने अधिक लचीले काम के घंटों की वकालत की। उन्होंने कहा, "इस देश में लोगों को और अधिक काम करने की जरूरत है।"
इन शीर्ष अधिकारियों की टिप्पणियाँ इस बात का संकेत देती हैं कि कॉर्पोरेट जगत निवेश के लिए तैयार है, लेकिन वे मानते हैं कि जर्मनी की आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए सरकारी सुधार और एक स्थिर राजनीतिक माहौल भी उतना ही महत्वपूर्ण है।