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पेरू: फुजिमोरी की खनन समर्थक नीतियों से सामाजिक अशांति का खतरा - अध्ययन

Summary
पेरू के ऑब्जर्वेटरी ऑफ माइनिंग कॉन्फ्लिक्ट्स की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, नवनिर्वाचित राष्ट्रपति कीको फुजिमोरी की खनन निवेश को बढ़ावा देने की योजना से देश में नए सिरे से सामाजिक अशांति और विरोध प्रदर्शन हो सकते हैं।
पेरू के ऑब्जर्वेटरी ऑफ माइनिंग कॉन्फ्लिक्ट्स द्वारा जारी एक अध्ययन के अनुसार, नवनिर्वाचित राष्ट्रपति कीको फुजिमोरी की प्रमुख खनन परियोजनाओं में तेजी लाने की योजना से देश में नए सिरे से सामाजिक अशांति फैल सकती है। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तांबा उत्पादक देश अपने विशाल खनिज भंडार के विकास और स्थानीय सामुदायिक चिंताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है।
अध्ययन के मुख्य निष्कर्ष
अध्ययन में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि पेरू के अधिकांश प्रमुख खनन क्षेत्रों ने चुनाव में फुजिमोरी के खिलाफ मतदान किया था। इस वजह से, यदि उनकी सरकार अटकी हुई परियोजनाओं को आगे बढ़ाती है तो तनाव बढ़ने का एक महत्वपूर्ण जोखिम है।
- स्थानीय गैर-लाभकारी संस्था फेडेपाज़ (Fedepaz) के एक पर्यावरण पैरोकार डेविड वेलाज़को ने चेतावनी दी है कि सदर्न कॉपर (Southern Copper) की $1.8 बिलियन की टिया मारिया (Tia Maria) तांबा परियोजना का कड़ा विरोध हो सकता है।
- इसके अलावा, चीन की ज़िझिन (Zijin) की रियो ब्लैंको (Rio Blanco) तांबा परियोजना के आसपास भी संघर्ष की आशंका जताई गई है।
फुजिमोरी की नीतियां और मौजूदा संघर्ष
फुजिमोरी, जो 28 जुलाई को पदभार ग्रहण करेंगी, ने खनन निवेश में तेजी लाने का वादा किया है। उनकी योजनाओं में परियोजनाओं के लिए एक फास्ट-ट्रैक अनुमोदन प्रणाली और कर प्रोत्साहन शामिल हैं। उन्होंने यह भी प्रस्ताव दिया है कि खनन राजस्व का 40% सीधे स्थानीय लोगों को दिया जाना चाहिए ताकि उन्हें लाभ मिल सके।
Adहालांकि, पेरू के लोकपाल के आंकड़ों के अनुसार, देश में पहले से ही लगभग 200 सामाजिक संघर्ष चल रहे हैं, जिनमें से 64 सीधे तौर पर खनन और अन्य पर्यावरणीय विवादों से जुड़े हैं। स्थानीय समुदाय अक्सर पर्यावरणीय क्षति और अपर्याप्त लाभों को लेकर चिंतित रहते हैं।
निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?
पेरू के लिए खनन क्षेत्र आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है, जो देश के कुल निर्यात का 60% से अधिक है। देश में लगभग $64 बिलियन का खनन निवेश नियोजित है, जिसमें ज्यादातर तांबा परियोजनाएं शामिल हैं।
खनन क्षेत्रों में किसी भी तरह की बड़ी अशांति या परियोजनाओं में देरी से तांबे की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो सकती है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में धातु की कीमतों पर पड़ सकता है। निवेशक फुजिमोरी सरकार की नीतियों और स्थानीय समुदायों के साथ बातचीत करने की उनकी क्षमता पर करीब से नजर रखेंगे, क्योंकि यह देश के विशाल खनन क्षेत्र के भविष्य और स्थिरता को निर्धारित करेगा।