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ईरान तनाव ने मजबूत यूके जीडीपी को बेअसर किया, FTSE 100 में गिरावट

Summary
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण ब्रिटिश शेयरों में गिरावट आई, जिसने ब्रिटेन के उम्मीद से बेहतर जीडीपी आंकड़ों के सकारात्मक प्रभाव को खत्म कर दिया।
ब्रिटेन के प्रमुख शेयर सूचकांकों में गुरुवार को गिरावट दर्ज की गई क्योंकि मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने देश के मजबूत आर्थिक विकास के आंकड़ों पर पानी फेर दिया। निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं क्योंकि विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर गतिरोध हफ्तों तक जारी रह सकता है।
बाजार का प्रदर्शन
गुरुवार के शुरुआती कारोबार में, लंदन का FTSE 100 सूचकांक 0.37% गिर गया, जो बुधवार की गिरावट को आगे बढ़ाता है। अन्य यूरोपीय बाजारों में भी कमजोरी का रुख रहा, जिसमें जर्मनी का DAX 0.22% और फ्रांस का CAC 40 0.21% नीचे था।
जीडीपी के अच्छे आंकड़े बनाम भू-राजनीतिक जोखिम
यह गिरावट ब्रिटेन के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (ONS) द्वारा जारी किए गए सकारात्मक आर्थिक आंकड़ों के बावजूद आई है।
- मई में समाप्त तीन महीनों में यूके की अर्थव्यवस्था 0.7% बढ़ी, जो 0.5% के पूर्वानुमान से बेहतर थी।
- वार्षिक वृद्धि दर बढ़कर 1.3% हो गई, जो 13 महीनों में सबसे तेज गति है।
Adहालांकि, इन मजबूत आंकड़ों पर ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का साया पड़ गया। ईरान की सेना ने अमेरिकी हमलों के जवाब में क्षेत्र के बुनियादी ढांचे पर हमला करने की धमकी दी है। इस बीच, अमेरिकी सेना ने तेहरान के आसपास और ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के केंद्र सेमनान प्रांत में हमले तेज कर दिए हैं।
विश्लेषकों की राय और बाजार पर असर
जेफरीज के रणनीतिकार मोहित कुमार ने एक नोट में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से यातायात "काफी धीमा हो गया है"। उन्होंने चेतावनी दी कि यह गतिरोध "कुछ हफ्तों तक" बना रह सकता है, जिससे तेल की कीमतों पर "ऊपरी दबाव" बना रहेगा।
इस अनिश्चितता के बीच, कमोडिटी बाजारों में भी हलचल देखी गई। ब्रेंट क्रूड $84.63 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जबकि सोना वायदा में भी गिरावट देखी गई। बाजार सहभागियों का मानना है कि जब तक मध्य पूर्व में स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक बाजारों में अस्थिरता बनी रह सकती है।