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यूरोपीय शेयर स्थिर, मजबूत कॉर्पोरेट नतीजों ने यील्ड के दबाव को कम किया

Summary
प्रमुख कंपनियों के उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजों के दम पर मंगलवार को यूरोपीय शेयर बाजारों में मामूली बढ़त देखी गई, हालांकि बढ़ती बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका ने बढ़त को सीमित कर दिया।
प्रमुख उपभोक्ता और औद्योगिक कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजों की बदौलत मंगलवार को शुरुआती कारोबार में यूरोपीय शेयर बाजारों में मामूली तेजी आई। इन सकारात्मक नतीजों ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर पर फैसले से पहले मुद्रास्फीति संबंधी चिंताओं और बॉन्ड यील्ड से बढ़ते दबाव को काफी हद तक बेअसर कर दिया।
बाजार की चाल
पैन-यूरोपीय STOXX 600 सूचकांक शुरुआती कारोबार में 0.2% चढ़ा। जर्मनी का DAX और फ्रांस का CAC 40 क्रमशः 0.2% और 0.5% ऊपर थे, जबकि लंदन का FTSE 100 सपाट कारोबार कर रहा था।
बाजार की धारणा को कंपनियों के नतीजों से बल मिला, जो यह दर्शाता है कि कुछ क्षेत्रों में ऊंची ब्याज दरों के बावजूद परिचालन लचीलापन बना हुआ है। हालांकि, निवेशकों की नजरें अभी भी व्यापक आर्थिक संकेतों और केंद्रीय बैंकों के आगामी कदमों पर टिकी हुई हैं।
प्रमुख कंपनियों के नतीजे
कई बड़ी कंपनियों ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया, जिससे बाजार को समर्थन मिला:
Ad- यूनिलीवर (Unilever): कंज्यूमर दिग्गज के शेयरों में 6% की उछाल आई, क्योंकि कंपनी ने दूसरी तिमाही में बिक्री वृद्धि के पूर्वानुमानों को पार कर लिया। यह परिणाम पर्सनल केयर और फूड डिवीजनों में मजबूत बिक्री मात्रा और स्थिर मूल्य निर्धारण शक्ति को दर्शाता है।
- ऑटो सेक्टर: मर्सिडीज-बेंज (Mercedes-Benz) के शेयर 3.5% बढ़े, जब कंपनी ने दूसरी तिमाही में मुनाफे में उछाल की सूचना दी। इसके साथ ही, BMW और फॉक्सवैगन (Volkswagen) के शेयरों में भी लगभग 2% की तेजी देखी गई।
- अन्य कंपनियां: लग्जरी ग्रुप LVMH में 2.6% और टेलीकॉम ऑपरेटर ऑरेंज (Orange) में लगभग 4% की वृद्धि हुई। फ्रांसीसी एयरोस्पेस आपूर्तिकर्ता Safran ने भी अपने पूरे साल के वित्तीय लक्ष्यों को बढ़ाने के बाद बढ़त दर्ज की।
- फिलिप्स (Philips): इसके विपरीत, डच हेल्थ टेक्नोलॉजी फर्म फिलिप्स के शेयरों में 8.5% की गिरावट आई, बावजूद इसके कि कंपनी के तिमाही नतीजे बाजार की उम्मीदों से बेहतर थे।
मैक्रोइकॉनॉमिक दबाव और आगे की राह
सकारात्मक कॉर्पोरेट खबरों के बावजूद, यूरोपीय इक्विटी पर सरकारी बॉन्ड यील्ड के ऊंचे स्तर का दबाव बना रहा। यह बाजार की उम्मीदों को दर्शाता है कि मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को निकट भविष्य में ऊंचा बनाए रखेंगे।
यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के अधिकारियों के आक्रामक बयानों ने इन चिंताओं को और हवा दी है। ईसीबी गवर्निंग काउंसिल के सदस्य पीटर काज़िमिर ने कहा कि सितंबर में ब्याज दर में बढ़ोतरी आवश्यक हो सकती है, जो यह संकेत देता है कि मुद्रास्फीति के खिलाफ लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। अब निवेशकों का ध्यान अमेरिकी फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय नीतिगत बैठक पर है, जिसके नतीजे बुधवार को आएंगे। हालांकि फेड द्वारा दरों को अपरिवर्तित रखने की उम्मीद है, लेकिन चेयरमैन की टिप्पणी से भविष्य की मौद्रिक नीति की दिशा के संकेत मिलेंगे।