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कच्चा तेल $100 के पार, यूरोप में गैसोलीन रिफाइनिंग मार्जिन में भारी गिरावट

Summary
कच्चे तेल की कीमतें छह सप्ताह में पहली बार $100 प्रति बैरल से ऊपर जाने के कारण उत्तर-पश्चिमी यूरोप में गैसोलीन रिफाइनिंग मार्जिन में लगभग $13 की गिरावट आई है। यह गिरावट अमेरिका-ईरान सैन्य तनाव बढ़ने से उपजी आपूर्ति संबंधी चिंताओं को दर्शाती है।
उत्तर-पश्चिमी यूरोप में गैसोलीन रिफाइनिंग मार्जिन में बुधवार को भारी गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें जुलाई के बाद पहली बार $100 प्रति बैरल के स्तर को पार कर गईं। इस तेज गिरावट ने ऊर्जा बाजारों में बढ़ती लागत के दबाव को उजागर किया है।
मार्जिन पर दबाव और बाजार की गतिविधियां
Investing.com के आंकड़ों के अनुसार, गैसोलीन रिफाइनिंग मार्जिन लगभग $13 घटकर $39 प्रति बैरल रह गया। कच्चे तेल की कीमतों में यह उछाल अमेरिका और ईरानी सेनाओं के बीच बढ़े सैन्य संघर्ष के बाद आया है, जिससे प्रमुख उत्पादक क्षेत्र से तेल आपूर्ति में व्यवधान की आशंका बढ़ गई है।
इस दौरान बाजार में উল্লেখযোগ্য गतिविधियां भी देखी गईं:
- लगभग 8,000 मीट्रिक टन गैसोलीन E5 बार्ज का कारोबार हुआ, जिसमें बीपी (BP) ने गुनवर (Gunvor) और वारो (Varo) को बिक्री की।
- इसके अतिरिक्त, 3,000 मीट्रिक टन गैसोलीन E10 बार्ज का भी व्यापार हुआ, जिसमें टोटसा (Totsa) ने वारो (Varo) को बेचा।
- प्लेट्स विंडो (Platts window) में, एक्सॉन (Exxon) ने शेल (Shell) को एक E5 बार्ज बेचा।
Adचीन से मांग का दृष्टिकोण
एक तरफ जहां आपूर्ति संबंधी चिंताएं कीमतों को बढ़ा रही हैं, वहीं दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातक चीन से मांग का दृष्टिकोण कमजोर बना हुआ है। सिनोपेक (Sinopec) की अनुसंधान शाखा के अनुसार, 2026 में चीन की तेल मांग में 600,000 बैरल प्रति दिन (8.9%) की गिरावट का अनुमान है, जो लगातार तीसरे साल की गिरावट होगी।
रिपोर्ट में यह भी अनुमान लगाया गया है कि 2030 तक चीन की रिफाइनिंग क्षमता 2026 के स्तर से 5.5% तक कम हो सकती है। 2026 में चीन में गैसोलीन और डीजल की खपत में क्रमशः 8.7% और 11.4% की गिरावट की उम्मीद है, जो वैश्विक ऊर्जा बाजारों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक है।