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यूरोपीय गैस की कीमतें तीन सप्ताह के निचले स्तर पर स्थिर, व्यापारी आपूर्ति जोखिमों का आकलन कर रहे हैं

Summary
मध्य पूर्व में सकारात्मक राजनयिक संकेतों और यूरोप में गंभीर आपूर्ति बाधाओं के बीच यूरोपीय प्राकृतिक गैस की कीमतें तीन सप्ताह के निचले स्तर के करीब स्थिर बनी हुई हैं।
यूरोपीय प्राकृतिक गैस की कीमतें तीन सप्ताह के निचले स्तर के आसपास स्थिर हो गई हैं, क्योंकि व्यापारी मध्य पूर्व से आ रही सकारात्मक राजनयिक खबरों और यूरोप में आपूर्ति की गंभीर कमी के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले दो कारोबारी सत्रों में भारी उतार-चढ़ाव के बाद बाजार में यह स्थिरता आई है।
बाजार का मौजूदा हाल
बेंचमार्क डच फ्रंट-मंथ गैस वायदा (Dutch front-month gas futures) और इसके समकक्ष ब्रिटिश अनुबंध, दोनों बुधवार को लगभग सपाट कारोबार कर रहे थे। यह पिछले कारोबारी दिन में पहुंचे कई हफ्तों के निचले स्तर के पास एकीकरण का संकेत है। कीमतों में यह ठहराव तब आया है जब बाजार परस्पर विरोधी संकेतों का आकलन कर रहा है।
कीमतों पर दबाव और सहारा
एक ओर, अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच बातचीत में प्रगति की खबरें आ रही हैं, जिसका उद्देश्य फारस की खाड़ी में महत्वपूर्ण शिपिंग लेन को सुरक्षित करना है। इस खबर से भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ी है, जिससे गैस की कीमतों से जोखिम प्रीमियम (risk premium) कम हो गया है।
Adदूसरी ओर, संरचनात्मक आपूर्ति बाधाएं कीमतों को मजबूत सहारा दे रही हैं। इन बाधाओं में शामिल हैं:
- होरमुज़ जलडमरूमध्य में बाधाएं: राजनयिक प्रगति के बावजूद, होरमुज़ जलडमरूमध्य से तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) टैंकरों का आवागमन अभी भी गंभीर रूप से प्रतिबंधित है। इससे कतर जैसे प्रमुख मध्य पूर्वी निर्यातकों से गर्मियों की डिलीवरी बाधित हो रही है।
- भंडारण का निम्न स्तर: अगस्त की शुरुआत में यूरोपीय संघ की गैस भंडारण सुविधाएं केवल 55% से 57% तक ही भरी थीं, जो इस अवधि के लिए लगभग दो दशकों में सबसे निचला स्तर है और पांच साल के ऐतिहासिक औसत से काफी कम है।
- बढ़ती मांग: मध्य और दक्षिणी यूरोप में असामान्य रूप से गर्म मौसम के कारण एयर कंडीशनिंग के लिए बिजली की मांग बढ़ गई है, जिससे गैस की खपत में भी इजाफा हुआ है।
भविष्य का दृष्टिकोण
शिपिंग में देरी के कारण यूरोप पर सर्दियों से पहले अपने भूमिगत गैस भंडार को फिर से भरने का दबाव बढ़ गया है। ऊर्जा विश्लेषकों का अनुमान है कि जब तक आपूर्ति की स्थिति में ठोस सुधार नहीं होता, यूरोपीय गैस अनुबंधों को संरचनात्मक समर्थन मिलता रहेगा। इसके अलावा, यूरोपीय ऊर्जा कंपनियां स्पॉट एलएनजी कार्गो के लिए एशियाई खरीदारों के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रही हैं, जो कीमतों को और समर्थन दे सकता है। बाजार राजनयिक वार्ता में किसी भी देरी या रुकावट के प्रति अत्यधिक संवेदनशील बना रहेगा।