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मुनाफावसूली से यूरोपीय गैस की कीमतों में नरमी, लेकिन सर्दियों का जोखिम बरकरार

Summary
गुरुवार को मुनाफावसूली और स्थिर LNG आपूर्ति के कारण यूरोपीय गैस वायदा में गिरावट आई, लेकिन सर्दियों से पहले गैस भंडारण का स्तर चिंताजनक रूप से कम होने से कीमतों को समर्थन मिल रहा है।
यूरोपीय थोक प्राकृतिक गैस की कीमतों में गुरुवार को गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि हालिया तेजी के बाद व्यापारियों ने मुनाफावसूली की। हालांकि, मध्य पूर्व में जारी तनाव और सर्दियों से पहले गैस भंडारण के निम्न स्तर ने कीमतों में बड़ी गिरावट को रोक दिया।
कीमतों में गिरावट के कारण
गुरुवार को यूरोपीय बेंचमार्क, डच TTF हब पर अगले महीने का वायदा अनुबंध, 1.44% गिरकर 59.49 यूरो प्रति मेगावाट-घंटा (MWh) पर आ गया, जो 60 यूरो के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे है। वहीं, ब्रिटेन का समकक्ष गैस अनुबंध 1.56% फिसलकर 143.80 पेंस प्रति थर्म पर कारोबार कर रहा था।
यह गिरावट इस सप्ताह आई तेज उछाल के बाद हुई है, जो इराक में अमेरिका और सऊदी के संयुक्त हमलों और उसके बाद ईरानी मिसाइल लॉन्च के कारण हुई थी। इन घटनाओं से कच्चे तेल और गैस की कीमतें बढ़ गई थीं। गुरुवार को व्यापारियों ने हालिया बढ़त का फायदा उठाते हुए मुनाफावसूली की। इसके अलावा, उत्तर-पश्चिमी यूरोपीय टर्मिनलों पर लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की स्थिर आवक और नॉर्वे से पाइपलाइन प्रवाह सामान्य होने से भी कीमतों पर दबाव बना।
सर्दियों को लेकर चिंताएं बरकरार
Adदिन की गिरावट के बावजूद, बाजार विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि यूरोपीय प्राकृतिक गैस का व्यापक दृष्टिकोण अनिश्चित बना हुआ है। सबसे बड़ी चिंता गैस भंडारण के स्तर को लेकर है।
- यूरोपीय संघ में भूमिगत गैस भंडारण क्षमता वर्तमान में लगभग 55% भरी हुई है।
- यह स्तर पांच साल के मौसमी औसत से काफी कम है।
- यह गति 1 नवंबर को हीटिंग सीजन शुरू होने से पहले भंडारण लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अपर्याप्त मानी जा रही है।
बाजार का नजरिया
विश्लेषकों का मानना है कि यूरोपीय गैस अनुबंधों में गर्मियों के अंत तक अस्थिरता बनी रहेगी। मध्य पूर्व में होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े पारगमन जोखिम और वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रखने जैसे कारक बाजार को प्रभावित कर रहे हैं। जब तक भंडारण का स्तर संतोषजनक स्थिति में नहीं पहुंच जाता, तब तक सर्दियों में आपूर्ति की कमी और कीमतों में तेज उछाल का खतरा बना रहेगा।