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यूरोपीय डीज़ल मार्जिन 7% से अधिक गिरा, गैसऑयल प्रीमियम में कमी

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Aug 24, 20262 min read
यूरोपीय डीज़ल मार्जिन 7% से अधिक गिरा, गैसऑयल प्रीमियम में कमी

Summary

ब्रेंट क्रूड के मुकाबले गैसऑयल फ्यूचर्स का प्रीमियम घटने से सोमवार को यूरोपीय डीज़ल रिफाइनिंग मार्जिन में भारी गिरावट दर्ज की गई। बढ़ते आयात ने रूसी रिफाइनरी में रुकावट की चिंताओं को कम कर दिया है।

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Background

सोमवार को यूरोपीय डीज़ल मार्जिन में 7% से अधिक की भारी गिरावट आई, जिसका मुख्य कारण ब्रेंट क्रूड के मुकाबले लो-सल्फर गैसऑयल फ्यूचर्स के प्रीमियम में आई कमी है। यह घटना यूरोपीय बाजार में आपूर्ति की गतिशीलता में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती है।

मार्जिन पर दबाव के प्रमुख कारण

बाजार के आंकड़ों के अनुसार, 1612 GMT तक लो-सल्फर गैसऑयल फ्यूचर्स का ब्रेंट क्रूड पर प्रीमियम $5.52 घटकर $70.79 प्रति बैरल रह गया। रिफाइनिंग मार्जिन में यह गिरावट सीधे तौर पर इस घटे हुए प्रीमियम को दर्शाती है, जो रिफाइनर्स के लिए कच्चे तेल को डीज़ल में बदलने की लाभप्रदता को सीधे तौर पर प्रभावित करता है।

दिन के कारोबार के दौरान, बीपी (BP) ने पोलैंड के ग्डिनिया में डिलीवरी के लिए एक अल्ट्रा-लो सल्फर डीज़ल कार्गो बेचा। हालांकि, भूमध्यसागरीय ट्रेडिंग विंडो में टोटलएनर्जीज़ (TotalEnergies) की एकमात्र पेशकश के बावजूद कोई सौदा नहीं हुआ, जो बाजार में सतर्क रुख को दर्शाता है।

आपूर्ति का परिदृश्य: रूसी रुकावट बनाम बढ़ता आयात

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एक तरफ जहां आपूर्ति संबंधी चिंताएं मौजूद हैं, वहीं दूसरी तरफ बाजार पर बढ़ते आयात का अधिक प्रभाव दिख रहा है। दो उद्योग स्रोतों ने सोमवार को पुष्टि की कि 21 अगस्त को एक यूक्रेनी ड्रोन हमले के बाद रूस की सातवीं सबसे बड़ी पर्म ऑयल रिफाइनरी में परिचालन रुक गया है।

हालांकि, इस संभावित आपूर्ति बाधा के प्रभाव को बढ़ते आयात ने कम कर दिया है। केप्लर (Kpler) के आंकड़ों से पता चलता है कि अगस्त में यूरोपीय बाजार में डीज़ल और गैसऑयल का आयात काफी बढ़ा है, जो मार्जिन पर दबाव डाल रहा है।

  • अगस्त का अनुमानित आयात: 724,000 बैरल प्रति दिन (bpd)
  • जुलाई का औसत आयात: 466,000 bpd
  • अमेरिका से आयात: अगस्त के कुल आयात का 50% से अधिक, लगभग 446,000 bpd

बाजार के लिए इसका मतलब यह है कि अमेरिका से बढ़ी हुई आपूर्ति फिलहाल रूसी रिफाइनरी की रुकावट से उत्पन्न होने वाली किसी भी कमी को पूरा करने से कहीं अधिक है, जिससे डीज़ल की कीमतों और रिफाइनिंग मुनाफे पर दबाव बना हुआ है।

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