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वीटा कोको और डोमो के शेयरों में उछाल, मोबिलआई प्री-मार्केट में गिरा

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Jul 23, 20262 min read
वीटा कोको और डोमो के शेयरों में उछाल, मोबिलआई प्री-मार्केट में गिरा
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अमेरिकी प्री-मार्केट ट्रेडिंग में गुरुवार को कई कंपनियों के शेयरों में बड़ी हलचल देखी गई, जिसमें वीटा कोको (Vita Coco) और डोमो (Domo) के शेयरों में जोरदार तेजी आई, जबकि मोबिलआई (Mobileye) के शेयर नेतृत्व में बदलाव की खबर से गिर गए। यह हलचल कंपनियों द्वारा जारी किए गए तिमाही नतीजों और कॉर्पोरेट घोषणाओं के बाद हुई है।

प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन

नारियल पानी निर्माता वीटा कोको के शेयर प्री-मार्केट में 8.8% तक उछल गए। कंपनी ने दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए जो वॉल स्ट्रीट के अनुमानों से काफी बेहतर थे।

  • शुद्ध बिक्री (Net sales): साल-दर-साल 28% बढ़कर $216 मिलियन हो गई।
  • समायोजित EBITDA: बढ़कर $67 मिलियन हो गया, जो विश्लेषकों के लगभग $45 मिलियन के अनुमान से बहुत अधिक था।
  • सकल मार्जिन (Gross margin): पिछले साल के 36% से बढ़कर 49% हो गया, जो बेहतर मूल्य निर्धारण और परिचालन दक्षता को दर्शाता है।

डेटा एनालिटिक्स कंपनी डोमो के शेयरों में 21% की जबरदस्त तेजी आई। यह उछाल प्रोग्रेस सॉफ्टवेयर (Progress Software) द्वारा $400 मिलियन नकद में डोमो की लगभग सभी संपत्तियों का अधिग्रहण करने की घोषणा के बाद आया। निवेशकों ने इस अधिग्रहण सौदे का स्वागत किया।

मोबिलआई पर नेतृत्व परिवर्तन का असर

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स्वायत्त ड्राइविंग प्रौद्योगिकी कंपनी मोबिलआई के शेयर 4.4% गिर गए, भले ही कंपनी ने उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजे पेश किए। गिरावट का मुख्य कारण संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एम्नोन शशुआ के पद छोड़ने की योजना की घोषणा थी।

कंपनी ने $0.19 प्रति शेयर का समायोजित लाभ दर्ज किया, जो $0.06 के अनुमान से काफी अधिक था, और $508 मिलियन का राजस्व भी पूर्वानुमानों को पार कर गया। हालांकि, निवेशकों का ध्यान मजबूत नतीजों के बजाय नेतृत्व परिवर्तन पर केंद्रित रहा।

बाज़ार का व्यापक संदर्भ

यह व्यक्तिगत स्टॉक गतिविधियां एक ऐसे समय में हो रही हैं जब अमेरिकी शेयर बाजार के वायदा अनुबंधों (futures) में गिरावट का रुख है। निवेशक प्रौद्योगिकी क्षेत्र के मिले-जुले नतीजों का आकलन कर रहे हैं। इसके अलावा, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें $98 प्रति बैरल से ऊपर चली गई हैं, जिससे मुद्रास्फीति और वैश्विक विकास को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं।

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