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फेड की नीति पर टिकी निगाहें, डॉलर अप्रैल के बाद की सबसे बड़ी गिरावट से उबरकर स्थिर

Summary
पिछले कारोबारी सत्र में अप्रैल के अंत के बाद अपनी सबसे खराब गिरावट दर्ज करने के बाद अमेरिकी डॉलर सोमवार को स्थिर रहा। मुद्रा बाजार के प्रतिभागियों का ध्यान अब फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के संकेतों पर केंद्रित है।
सोमवार को अमेरिकी डॉलर में मामूली बदलाव देखा गया, जबकि पिछले सत्र में इसने अप्रैल के अंत के बाद से अपना सबसे खराब दिन दर्ज किया था। निवेशकों का ध्यान मुख्य रूप से अमेरिकी फेडरल रिजर्व (फेड) की आगामी मौद्रिक नीति पर बना हुआ है। डॉलर सूचकांक, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले ग्रीनबैक के प्रदर्शन को मापता है, 100.85 पर लगभग सपाट था।
गुरुवार को जून के नॉनफार्म पेरोल रिपोर्ट के उम्मीद से कमजोर आने के बाद डॉलर सूचकांक में 0.5% की गिरावट आई थी। इन आंकड़ों से यह संकेत मिला कि श्रम बाजार zwar मजबूत है, लेकिन इतना भी गर्म नहीं कि फेड को ब्याज दरें बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़े। उच्च ब्याज दरें आमतौर पर डॉलर को मजबूत करती हैं। अब बाजार बुधवार को जारी होने वाले फेड की जून की बैठक के मिनट्स का इंतजार कर रहा है, ताकि नीति निर्माताओं की सोच के बारे में और जानकारी मिल सके।
अन्य प्रमुख मुद्राओं में, यूरो में भी बहुत कम हलचल देखी गई। यूरोजोन के औद्योगिक उत्पादक कीमतों और खुदरा बिक्री के आंकड़े जारी होने के बाद यूरो $1.1441 पर थोड़ा मजबूत हुआ। यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) ने पिछले महीने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की थी, लेकिन हाल के आंकड़ों के बाद आगे बढ़ोतरी की संभावना कम लग रही है।
Adवहीं, जापानी येन डॉलर के मुकाबले कमजोर बना हुआ है और 40 साल के निचले स्तर के करीब कारोबार कर रहा है। USD/JPY जोड़ी 0.4% बढ़कर 162.04 पर थी। येन 160 प्रति डॉलर के स्तर से ऊपर बना हुआ है, जिसे अतीत में जापानी अधिकारियों द्वारा हस्तक्षेप का स्तर माना जाता रहा है। टोक्यो ने हाल के हफ्तों में येन के खिलाफ सट्टेबाजी पर मौखिक चेतावनी दी है, जिससे बाजार किसी भी संभावित हस्तक्षेप के लिए सतर्क है।