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डसॉल्ट एविएशन की पहली छमाही की आय 83% बढ़ी, भारत के साथ राफेल सौदे पर नजर

Summary
फ्रांसीसी एयरोस्पेस कंपनी डसॉल्ट एविएशन ने साल की पहली छमाही में समायोजित परिचालन आय में 83% की मजबूत वृद्धि दर्ज की है। हालांकि, नए ऑर्डर में गिरावट आई है, लेकिन कंपनी भारतीय वायु सेना के साथ 114 राफेल जेट के एक बड़े सौदे पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
फ्रांसीसी एयरोस्पेस निर्माता डसॉल्ट एविएशन (EPA: AM) ने वर्ष की पहली छमाही के लिए अपनी समायोजित परिचालन आय में 83% की भारी वृद्धि दर्ज की है, जो €330 मिलियन ($376.5 मिलियन) तक पहुंच गई है। कंपनी ने यह भी बताया कि उसकी शुद्ध बिक्री 46% बढ़कर €4.16 बिलियन हो गई है, और उसने अपने पूरे साल के वित्तीय लक्ष्यों को बरकरार रखा है।
ऑर्डर बुक और डिलीवरी का विश्लेषण
मजबूत आय के बावजूद, कंपनी को इस अवधि में नए ऑर्डर में कमी का सामना करना पड़ा। पहली छमाही में नए ऑर्डर का मूल्य €2.88 बिलियन रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के €8.08 बिलियन से काफी कम है। पिछले साल के आंकड़ों को भारतीय नौसेना के एक बड़े अनुबंध से बढ़ावा मिला था।
डिलीवरी के मोर्चे पर, कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा:
- फाल्कन बिजनेस जेट: 13 जेट डिलीवर किए गए, जबकि पिछले साल यह संख्या 12 थी। फाल्कन के नए ऑर्डर भी 8 से बढ़कर 23 हो गए।
- राफेल लड़ाकू विमान: 12 राफेल विमानों की डिलीवरी हुई, जो पिछले साल की 7 की डिलीवरी से अधिक है। हालांकि, इस छमाही में कोई नया लड़ाकू जेट ऑर्डर दर्ज नहीं किया गया, जबकि पिछले साल 26 ऑर्डर मिले थे।
Adभारत के साथ राफेल सौदे का महत्व
डसॉल्ट एविएशन वर्तमान में भारतीय वायु सेना को 114 राफेल विमानों की बिक्री के लिए बातचीत कर रहा है। यह संभावित सौदा कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा रक्षा निर्यात अनुबंध हो सकता है। कंपनी के सीईओ एरिक ट्रैपियर ने इस अनुबंध को कंपनी का "प्रमुख रणनीतिक उद्देश्य" बताया है।
भारत ने इस खरीद के लिए जून में फ्रांस को एक औपचारिक अनुरोध पत्र जारी किया था। इस सौदे की एक महत्वपूर्ण शर्त यह है कि कुछ विमानों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा। यह सौदा कंपनी के भविष्य के ऑर्डर बुक और राजस्व के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर जब नए रक्षा ऑर्डर में मौजूदा नरमी देखी जा रही है।