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चिली की सरकारी कंपनी कोडेल्को के तांबा उत्पादन में जुलाई में 5% की गिरावट

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Sep 10, 20262 min read
चिली की सरकारी कंपनी कोडेल्को के तांबा उत्पादन में जुलाई में 5% की गिरावट

Summary

चिली के राज्य तांबा आयोग (कोचिल्को) के आंकड़ों के अनुसार, परिचालन संबंधी समस्याओं के कारण जुलाई में देश की सरकारी खनन कंपनी कोडेल्को का तांबा उत्पादन 5% घट गया। देश के कुल उत्पादन में भी 9.4% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

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चिली के राज्य तांबा आयोग, कोचिल्को द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, देश की सरकारी खनन कंपनी कोडेल्को के तांबा उत्पादन में जुलाई में साल-दर-साल 5% की गिरावट आई है। यह गिरावट दुनिया के सबसे बड़े तांबा उत्पादकों में से एक, कोडेल्को द्वारा सामना की जा रही लगातार परिचालन चुनौतियों को दर्शाती है।

प्रमुख खानों का प्रदर्शन

गुरुवार को जारी आंकड़ों से पता चलता है कि कोडेल्को ने जुलाई में 112,800 मीट्रिक टन तांबे का उत्पादन किया। यह गिरावट कंपनी के कमजोर प्रदर्शन के मौजूदा रुझान को जारी रखती है, जो इसकी कई प्रमुख खदानों में उत्पादन समस्याओं से जूझ रही है।

अन्य प्रमुख खदानों के प्रदर्शन में भिन्नता देखी गई:

  • एस्कोंडिडा (Escondida): बीएचपी (BHP) द्वारा नियंत्रित दुनिया की सबसे बड़ी तांबे की खान, एस्कोंडिडा के उत्पादन में 22.1% की भारी गिरावट आई, जो 89,400 टन रह गया।
  • कोलाहुआसी (Collahuasi): इसके विपरीत, एंग्लो अमेरिकन (Anglo American) और ग्लेनकोर (Glencore) के स्वामित्व वाली कोलाहुआसी खदान का उत्पादन 12.3% बढ़कर 38,400 टन हो गया।

उत्पादन में गिरावट के कारण

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कुल मिलाकर, चिली के तांबा उत्पादन में जुलाई में पिछले वर्ष की तुलना में 9.4% की कमी आई। सांख्यिकी एजेंसी ने इस राष्ट्रव्यापी गिरावट का श्रेय उत्तरी क्षेत्रों में खराब मौसम की स्थिति और प्रमुख खदानों में नियमित रखरखाव कार्यों को दिया है।

कोडेल्को की विशिष्ट गिरावट को लंबे समय से चली आ रही परिचालन कठिनाइयों से जोड़ा गया है, जो कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय बना हुआ है।

बाजार के लिए निहितार्थ

चिली दुनिया का सबसे बड़ा तांबा उत्पादक है, और कोडेल्को वैश्विक आपूर्ति में एक प्रमुख योगदानकर्ता है। इसके उत्पादन में किसी भी तरह की लगातार गिरावट से वैश्विक तांबा बाजार में आपूर्ति की कमी हो सकती है, जिससे कीमतों पर दबाव पड़ सकता है। निवेशक और कमोडिटी विश्लेषक यह देखने के लिए भविष्य के उत्पादन आंकड़ों पर करीब से नजर रखेंगे कि क्या ये मुद्दे अस्थायी हैं या उत्पादन में एक लंबी अवधि की प्रवृत्ति का संकेत देते हैं।

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