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अमेरिकी मुद्रास्फीति और व्यापार तनाव से कनाडाई डॉलर पर दोहरा दबाव, विनिमय दर में गिरावट

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Aug 26, 20262 min read
अमेरिकी मुद्रास्फीति और व्यापार तनाव से कनाडाई डॉलर पर दोहरा दबाव, विनिमय दर में गिरावट
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बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कनाडाई डॉलर (CAD) में कमजोरी देखी गई, जिसका मुख्य कारण अमेरिका के साथ बढ़ते व्यापारिक तनाव और अमेरिका में मुद्रास्फीति के मजबूत आंकड़े रहे। इन दोहरे दबावों के कारण, USD/CAD विनिमय दर में वृद्धि हुई, जो कनाडाई मुद्रा के लिए एक नकारात्मक संकेत है।

विनिमय दर का प्रदर्शन

ट्रेडिंग सत्र के दौरान, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कनाडाई डॉलर की कीमत C$1.3876 पर पहुंच गई, जो 0.27% की वृद्धि दर्शाती है। दिन के कारोबार में यह C$1.3893 के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया, जो 19 अगस्त के बाद से कैनेडियन डॉलर का सबसे कमजोर स्तर था। इस स्तर पर एक कनाडाई डॉलर का मूल्य लगभग 72.07 अमेरिकी सेंट के बराबर था।

दोहरे दबाव के कारण

कनाडाई डॉलर पर दबाव दो प्रमुख कारकों से उत्पन्न हुआ है:

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  • बढ़ता व्यापार तनाव: वाशिंगटन और ओटावा के बीच व्यापार विवाद तेज हो गया है। अमेरिका द्वारा लगभग C$27.6 बिलियन (लगभग 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर) के कनाडाई सामानों पर 50% टैरिफ लगाने के बाद, कनाडा ने जवाबी कार्रवाई की घोषणा की। कनाडा ने भी इतनी ही कीमत के अमेरिकी उत्पादों पर जवाबी टैरिफ लगाया है, जो 8 सितंबर से प्रभावी होगा। इस स्थिति ने दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता की अनिश्चितता को बढ़ा दिया है।
  • अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़े: अमेरिका से जारी नवीनतम व्यक्तिगत उपभोग व्यय (PCE) मुद्रास्फीति के आंकड़ों ने दिखाया है कि जुलाई में कीमतों पर दबाव बना हुआ है। वार्षिक PCE मुद्रास्फीति 3.7% पर बनी रही, जो बाजार के 3.6% के अनुमान से अधिक है। इन आंकड़ों से इस संभावना को बल मिलता है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व सितंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है, जिससे अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है।

बाज़ार पर प्रभाव

निवेशकों के लिए, यह स्थिति कनाडाई डॉलर के लिए एक दोहरी मार है। एक ओर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा संभावित ब्याज दर वृद्धि अमेरिकी डॉलर को अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले मजबूत कर रही है। दूसरी ओर, अमेरिका के साथ व्यापारिक अनिश्चितता, जो कनाडा का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है, कनाडाई अर्थव्यवस्था और इसकी मुद्रा पर अतिरिक्त दबाव डाल रही है।

इसके अलावा, कनाडा एक प्रमुख ऊर्जा निर्यातक है, इसलिए इसकी मुद्रा की चाल अक्सर कच्चे तेल की कीमतों के प्रति संवेदनशील होती है। निवेशक इस कारक पर भी कड़ी नजर रख रहे हैं क्योंकि यह कनाडाई डॉलर के दृष्टिकोण को और प्रभावित कर सकता है।

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