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कॉपर की रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद कनाडाई माइनिंग शेयरों में भारी गिरावट, टैरिफ की चिंता बढ़ी

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Sep 10, 20262 min read
कॉपर की रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद कनाडाई माइनिंग शेयरों में भारी गिरावट, टैरिफ की चिंता बढ़ी
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गुरुवार को कनाडाई तांबा खनन कंपनियों इरो कॉपर (Ero Copper) और हडबे मिनरल्स (HudBay Minerals) के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। यह बिकवाली तांबे की कीमतों में रिकॉर्ड ऊंचाई से तेज उलटफेर और रिफाइंड कॉपर पर संभावित अमेरिकी टैरिफ को लेकर निवेशकों की बढ़ती चिंताओं के कारण हुई।

शेयरों और कीमतों में तेज गिरावट

गुरुवार के कारोबारी सत्र में, इरो कॉपर के शेयर 7.9% गिरकर CA$48.70 पर आ गए, जबकि हडबे मिनरल्स के शेयरों में 7.3% की गिरावट के साथ $36.90 पर कारोबार हुआ। यह बिकवाली खनन क्षेत्र के शेयरों में एक व्यापक बिकवाली का हिस्सा थी।

यह गिरावट लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर बेंचमार्क तीन महीने के तांबे की कीमतों में तेज गिरावट के बाद आई। सत्र के दौरान $14,875 प्रति मीट्रिक टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद, तांबे की कीमत 3.1% गिरकर $14,312 पर आ गई। कीमतों में इस तेज उलटफेर ने निवेशकों को हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली के लिए प्रेरित किया।

गिरावट के पीछे के कारण

इस बिकवाली का एक प्रमुख कारण रिफाइंड कॉपर के आयात पर अमेरिकी टैरिफ को लेकर अनिश्चितता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, व्हाइट हाउस ने अभी तक इस मामले पर अपनी अंतिम स्थिति तय नहीं की है, क्योंकि अधिकारी इस बात से चिंतित हैं कि तांबे की ऊंची कीमतें अमेरिकी निर्माताओं के लिए उत्पादन लागत बढ़ा सकती हैं।

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इसके अलावा, इरो कॉपर पर हाल ही में कुछ विश्लेषकों द्वारा की गई डाउनग्रेडिंग का भी दबाव था। सितंबर की शुरुआत में BTG Pactual, Bradesco BBI और फ्रीडम ब्रोकर ने स्टॉक पर अपनी रेटिंग घटाकर 'न्यूट्रल' या 'होल्ड' कर दी थी, जिससे इसकी निकट-अवधि की संभावनाओं पर चिंता बढ़ गई थी।

निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है?

इरो कॉपर और हडबे मिनरल्स दोनों के शेयरों में एक साथ गिरावट यह दर्शाती है कि जब कीमतें रिकॉर्ड स्तर से नीचे आती हैं तो तांबा क्षेत्र में निवेशकों की धारणा कितनी जल्दी बदल सकती है। हडबे के लिए, यह गिरावट तांबे की कीमतों के प्रति उसकी संवेदनशीलता को उजागर करती है, क्योंकि कंपनी कनाडा, पेरू और संयुक्त राज्य अमेरिका में तांबे की संपत्तियों का संचालन करती है।

चूंकि अमेरिकी टैरिफ नीति अभी भी अनसुलझी है, निवेशक अब इस बात का मूल्यांकन कर रहे हैं कि क्या तांबे की रिकॉर्ड रैली कायम रह सकती है या गुरुवार का उलटफेर एक गहरे करेक्शन की शुरुआत का संकेत है।

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